Nag Panchami 2022: क्या है नागपंचमी का महत्व? नागपंचमी का पर्व मनाते समय इस बात का ध्यान रखें कि इस दिन क्या करना चाहिए और किन बातों से बचना चाहिए!
हिंदू धर्म के अनुसार सावन माह के शुक्लपक्ष की पंचमी के दिन नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है. इस दिन अधिकांश हिंदू घरों में नाग देवताओं की पूजा होती है. लेकिन जातक को इस बात का अवश्य ध्यान रखना चाहिए कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए.
हिंदू धर्म के अनुसार सावन माह के शुक्लपक्ष की पंचमी के दिन नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है. इस दिन अधिकांश हिंदू घरों में नाग देवताओं की पूजा होती है. लेकिन जातक को इस बात का अवश्य ध्यान रखना चाहिए कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए.
हिंदी पंचांग के अनुसार श्रावण मास के शुक्लपक्ष की पंचमी को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है. इसका उल्लेख शिव पुराण (वायु पुराण) में भी है. हिंदू धर्म शास्त्रों की मानें तो इस दिन जो व्यक्ति नाग देवता की पूजा के साथ भगवान शिव का रुद्राभिषेक करता है, उसके जीवन के सारे कष्ट समाप्त हो जाते हैं. यहां तक कि अगर जातक की कुंडली में सर्पदोष होता है तो, वह भी हलका पड़ जाता है. आर्थिक संकट दूर होते हैं, व्यक्ति सपरिवार रोगमुक्त होता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नागपंचमी मनाने वालों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए कि उन्हें क्या करना है और क्या करने से बचना होगा. यहां कुछ ऐसी ही बातों का जिक्र किया जा रहा है.
नागपंचमी के दिन ये कार्य अवश्य करें
* नागपंचमी के दिन पूजा करते समय शिवजी के निम्नांकित मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए.
ओम त्र्यंबकम याजमाहे सुगंधिम पुष्ठी वर्धनम
उर्वारुकैमिवा बंधनाथ श्रीमती सुब्रमण्यम
* नागपंचमी के दिन शिवलिंग एवं नाग देवता पर दूध अर्पित करने के लिए पीतल के लोटे का इस्तेमाल करें, और जल अर्पित करने के लिए तांबे के लोटे का प्रयोग करें.
* इस दिन नाग देवताओं की पूजा करें और प्रसाद में दूध से बनी मिठाई, दूध एवं पुष्प अर्पित करना चाहिए.
* भविष्य पुराण के अनुसार नागपंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करते समय निम्न मंत्र का जाप करना आर्थिक एवं सेहत के लिए अच्छा होता है. यह भी पढ़ें : Sawan Shivratri 2022: श्रावण शिवरात्रि के मौके पर सुने ये भोलेनाथ के भक्ति गीत, दिन की होगी भक्तिमय शुरुआत!
तन्नो नाग: प्रचोदयात्।।
'सर्वे नागा: प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले।
ये च हेलिमरीचिस्था येन्तरे दिवि संस्थिता:।।
* जिनकी कुंडली में राहु-केतु विराजमान हैं, उन्हें इस दिन नाग देवता की पूजा अवश्य करनी चाहिए. इस पूजा से कुंडली के कारण आ रही समस्याओं का निदान होगा.
नाग पंचमी के दिन ये कार्य हर्गिज ना करें
* नागपंचमी के दिन घर में बागवानी अथवा खेतों में हल या कुदाल नहीं चलाना चाहिए. ना ही पेड़ काटने चाहिए, इससे सांप चोटिल हो सकते हैं.
* नाग पंचमी के दिन सुई धागे का इस्तेमाल करना अथवा सिलाई करना अशुभ माना जाता है.
* नागपंचमी के दिन आग पर ना तवा चढ़ाते हैं और ना ही कढ़ाही में तड़का लगाना चाहिए.
* नागपंचमी के दिन किसी गरीब अथवा वयोवृद्ध अथवा साधु-संन्यासियों का अपमान नहीं करना चाहिए.
* नागपंचमी के दिन हमेशा मिट्टी अथवा रेत से बनी सांप की प्रतिमा अथवा तस्वीरों की ही पूजा करनी चाहिए. जीवित सांप की पूजा करके रिस्क नहीं लेना चाहिए.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 27, 2022 02:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

