नाइट शिफ्ट में काम करना सेहत के लिए घातक, हो सकती हैं ये बड़ी बीमारियां
नेशनल स्लीफ फाउंडेशन के मुताबिक, नाइट शिफ्ट ही नहीं, बल्कि रोटेशनल शिफ्ट में काम करने वाले लोग भी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की चपेट में आ सकते हैं. अगर आप भी नाइट शिफ्ट में काम करते हैं तो आपको ये 5 गंभीर बीमारियां हो सकती हैं.
आज की इस भागदौड़ वाली जिंदगी में अधिकांश लोग रोटेशनल शिफ्ट (Rotational Shift) और नाइट शिफ्ट (Night Shift) में काम करते है. नाइट शिफ्ट में काम करने से न सिर्फ दिनचर्या खराब होती है, बल्कि इससे सेहत पर नकारात्मक (Bad Effect on Health) प्रभाव भी पड़ता है. रात में काम करने वालों की समाजिक जिंदगी प्रभावित होती है. इसके अलावा उनके खाने-पीने का पूरा शेड्यूल बिगड़ जाता है. इससे स्ट्रेस हार्मोन का स्तर भी बढ़ता है. इससे हार्ट डिसीज (Heart Disease), डायबिटीज (Diabetes) और मोटापे (Obesity) जैसी कई गंभीर बीमारियों के होने का खतरा ज्यादा होता है,
नेशनल स्लीफ फाउंडेशन के मुताबिक, नाइट शिफ्ट ही नहीं, बल्कि रोटेशनल शिफ्ट में काम करने वाले लोग भी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की चपेट में आ सकते हैं. अगर आप भी नाइट शिफ्ट में काम करते हैं तो आपको ये 5 गंभीर बीमारियां हो सकती हैं.
1- हार्ट डिसीज
जो लोग नाइट शिफ्ट में काम करते हैं उन्हें सामान्य शिफ्ट में काम करने वालों की तुलना में दिल की बीमारियों का खतरा ज्यादा होता है. दरअसल, साल 2012 में ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चला था कि जो लोग नाइट शिफ्ट में काम करते हैं, दूसरों के मुकाबले उन्हें हार्ट अटैक का खतरा 7 फीसदी ज्यादा होता है.
2- डायबिटीज
नाइट शिफ्ट में काम करना आपको डायबिटीज का मरीज भी बना सकता है. दरअसल, नाइट शिफ्ट में काम करने से ब्लड शुगर लेवन में उतार-चढ़ाव हो सकता है. एक अध्ययन की रिपोर्ट के मुताबिक रात में काम करने वाले लोगों में डायबिटीज का खतरा दूसरों के मुकाबले 50 फीसदी अधिक होता है.
3- डिप्रेशन
अगर आप लगातार नाइट शिफ्ट में काम करते हैं तो आप डिप्रेशन की गिरफ्त में आ सकते हैं. कई अध्ययनों में खुलासा हुआ है कि रात में काम करने वाले लोगों में सेरेटोनिन हार्मोन का स्तर कम होने लगता है. यह हार्मोन मूड को बेहतर बनाने के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन जब इसकी कमी हो जाती है तो यह डिप्रेशन का कारण भी बन सकता है.
4- अनिद्रा
नाइट शिफ्ट में काम करने पर नींद का पैटर्न प्रभावित होता है और लगातार रात में काम करने से आप अनिद्रा के शिकार भी हो सकते हैं. दरअसल, नींद हमारे स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. रात की सुकून भरी नींद तनाव को कम करने, चोट की मरम्मत करने और शरीर के भीतर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है. यह भी पढ़ें: 5 Apps जो काम के दौरान आपको ऑफिस में रखेंगे फिट
5- मोटापा
लगातार नाइट शिफ्ट में काम करने वाले लोगों को सामान्य लोगों की तुलना में मोटापे का खतरा अधिक होता है. रात में बैठकर काम करने वाले लोगों का वजन तेजी से बढ़ता है और मोटापा उन पर हावी होने लगता है. आगे चलकर मोटापा कई गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है.
बहरहाल, अगर आप इन बीमारियों के खतरे से बचना चाहते हैं तो लगातार नाइट शिफ्ट में काम करने से बचें. अगर ऐसा मुमकिन नहीं है तो अपने खान-पान और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाकर इस खतरे को कुछ हद तक कम जरूर कर सकते हैं.
नोट- इस लेख में दी गई तमाम जानकारियों को केवल सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है. इसकी वास्तविकता, सटीकता और विशिष्ट परिणाम की हम कोई गारंटी नहीं देते हैं. इसमें दी गई जानकारियों को किसी बीमारी के इलाज या चिकित्सा सलाह के लिए प्रतिस्थापित नहीं किया जाना चाहिए. इस लेख में बताए गए टिप्स पूरी तरह से कारगर होंगे या नहीं इसका हम कोई दावा नहीं करते है, इसलिए किसी भी टिप्स या सुझाव को आजमाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 05, 2019 05:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

