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बढ़ते प्रदूषण से गर्भवती महिलाओं, जन्म लेने वाले बच्चे की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है: विशेषज्ञ

दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता खराब होने के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय है कि प्रदूषण से गर्भवती महिलाओं पर नकारात्मक असर पड़ सकता है जिसके कारण समय पूर्व प्रसव, नवजात का वजन कम या उसमें अन्य विसंगतियां होने के खतरे हो सकते हैं.

बढ़ते प्रदूषण से गर्भवती महिलाओं, जन्म लेने वाले बच्चे की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है: विशेषज्ञ
representative image (Photo: Pixabay)

नयी दिल्ली, 10 नवंबर: दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता खराब होने के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय है कि प्रदूषण से गर्भवती महिलाओं पर नकारात्मक असर पड़ सकता है जिसके कारण समय पूर्व प्रसव, नवजात का वजन कम या उसमें अन्य विसंगतियां होने के खतरे हो सकते हैं.

राजधानी में हवा की गुणवत्ता बिगड़ने पर डॉक्टरों ने गर्भवती महिलाओं को सलाह दी है कि जितना संभव हो घरों में रहें. लंबे समय तक वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने पर बढ़ जाता है हृदय संबंधी विकारों का खतरा. 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने गर्भवती महिलाओं, 60 साल से अधिक उम्र के लोगों और पांच साल से छोटे बच्चों को खराब वायु गुणवत्ता के जोखिम और स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों से सचेत किया है.

हाल में जारी एक उपग्रह चित्र में भारत में एक कचरा स्थल के पास बड़ी मात्रा में मीथेन देखी गयी.

यशोदा अस्पताल हैदराबाद के डॉ विश्वेश्वरन बालासुब्रमण्यम ने कहा, ‘‘यह बात कोई रहस्य नहीं है कि ये गैस मानव शरीर में विभिन्न हृदय, फेफड़े, कान-नाक-गला और त्वचा संबंधी परेशानियों का सबब बनती हैं. नुकसानदायक तत्वों के शरीर के अंदर जाने से ऐसी स्थिति बन जाती हैं जो कई बार गंभीर हो जाती हैं.’’

गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर निकलते समय एन-95 मास्क पहनने की सलाह देते हुए डॉ बालासुब्रमण्यम ने कहा, ‘‘ऐसे माहौल में सबसे अधिक जोखिम में गर्भवती महिलाएं हैं.’’ उन्होंने कहा कि अध्ययन बताते हैं कि इस तरह के माहौल में गर्भवती महिलाओं को समय से पहले प्रसव पीड़ा होने का खतरा होता है और इसके साथ ही जन्म के समय बच्चे का वजन कम होने, उसके फेफड़े अविकसित होने और बच्चे में कई अन्य घातक स्थितियों का खतरा होता है.

बालासुब्रमण्यम ने कहा कि कुछ मामलों में बच्चे की जन्म के समय या गर्भ में ही मृत्यु हो जाती है. उन्होंने कहा कि ऐसे पर्यावरण में मां बनने वाली महिलाओं को प्रदूषण से दूर रहना चाहिए तथा तरल पदार्थ एवं पोषाहार का अधिक सेवन करना चाहिए.

उजाला साइग्नस अस्पताल समूह की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ एकता बजाज ने कहा कि वायु प्रदूषण से गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत पर नकारात्मक असर हो सकता है. उन्होंने कहा कि जहरीली हवा गर्भपात का जोखिम भी बढ़ा सकती है.

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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 10, 2022 06:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).