Hantavirus: कैसे फैलता है हंतावायरस, क्या है इसके लक्षण और बचाव के उपाय, जानें हंतावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम के बारे में सबकुछ
कोरोना वायरस (Coronavirus) के बाद चीन (China) के एक और वायरस की वजह से लोगों में दहशत का माहौल हो गया है. चूहे से फैलने वाले इस वायरस को लेकर लोग काफी डर रहे हैं. इस नए वायरस का नाम है हंतावायरस (Hantavirus). जानें इसके कारण, लक्षण, बचाव के बारे में...
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Hantavirus: कोरोना वायरस (Coronavirus) के बाद चीन (China) के एक और वायरस की वजह से लोगों में दहशत का माहौल हो गया है. चूहे से फैलने वाले इस वायरस को लेकर लोग काफी डर रहे हैं. इस नए वायरस का नाम है हंतावायरस (Hantavirus). दरअसल, चीन के युनान से 23 मार्च, 2020 को काम से वापस शान्डॉन्ग जाते हुए एक बस में एक शख्स की मौत हंतावायरस से हो गई. इसके बाद ही लोगों में हचलच मच गई. इसे लेकर तरह-तरह की बातें की जा रही हैं. हंतावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम (Hantavirus Pulmonary Syndrome) को लेकर तरह-तरह की कहानियां शेयर की जा रही हैं. आप तक किसी भी तरह की कोई गलत जानकारी न पहुंचे इसलिए हम आपको बताते हैं कि इस बीमारी का कारण और लक्षण क्या है. साथ ही इससे कैसे बचा जा सकता है. यह कैसे फैलता है और इसका कोई वैक्सीन है या नहीं. हंतावायरस का मामला तब सामने आया है, जब विश्व के कई देशों में कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन हो गया है, लेकिन इससे डरने की ज़रूरत नहीं है. बस आपको इसकी सही जानकारी होनी चाहिए.
क्या है हंतावारस ? (What is Hantavirus?)
Centre for Disease Control (CDC) के मुताबिक, यह वायरस चूहों से फैलता है. हंतावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम सांस की बीमारी है, जो हंतावायरस के संक्रमण से होती है. कुछ मामलों में यह मनुष्यों में जानलेवा भी हो सकती है. CDC की वेबसाइट में लिखा है, अमेरिका में हंतावायरस को न्यू वर्ल्ड (New World) हंतावायरस के नाम से जाना जाता है, जिससे हंतावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम हो सकता है. वहीं दूसरी जगह पाए जाने वाले हंतावायरस को ओल्ड वर्ल्ड (Old World) हंतावायरस कहते हैं. यह ज्यादातर यूरोप और एशिया में पाया जाता है, जिससे Hemorrhagic Fever With Renal Syndrome (HFRS)" हो सकता है.
हंतावायरस के कारण और लक्षण (Causes And Symptoms of Hantavirus)
बुखार और थकान के अलावा जांघ, पीठ, कंधे में दर्द हंतावायरस के शुरुआती लक्षण हैं. कुछ लोगों को उल्टी, पेट दर्द, डायरिया की शिकायत भी हो सकती है. संक्रमित चूहे के मल, मूत्र, थूक के संपर्क में आने के 8 दिनों बाद मनुष्यों में इसके लक्षण आते हैं. अगर 10 दिन तक इलाज नहीं कराया गया तो मरीज़ को हंतावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम भी हो सकता है. इससे खांसी और सांस लेने में तकलीफ होती है.
कैसे फैलता है हंतावायरस ? (Hantavirus Transmission)
यह रोग मनुष्यों में संक्रमित चूहे के मल, मूत्र, थूक के संपर्क में आने से फैलता है. यह एक इंसान से दूसरे इंसान में नहीं जा सकता, लेकिन अगर आप संक्रमित चूहे के मल, मूत्र, थूक को छूने के बाद अपने आंख, नाक, मुंह को छुएंगे तो आपको इसके शिकार ज़रूर हो सकते हैं.
हंतावायरस से कैसे बचा जाए और इसका इलाज क्या है ? (Prevention And Cure to Hantavirus)
चूहे के मल, मूत्र वाले स्थान से दूर रहें. अग आप ऐसी जगह पर हैं, जहां ऐसी चीजें हैं तो आप ग्लव्स और मास्क पहनें. ऐसी जगह पर कीटनाशक का इस्तेमाल करें, जिससे संक्रमित धूल हवा में न फैल जाए. अपने घरों में चूहों को आने से रोकें.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 25, 2020 10:49 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

