Vishwakarma Jayanti 2025 Wishes: विश्वकर्मा जयंती के इन भक्तिमय हिंदी WhatsApp Messages, Quotes, Facebook Greetings को भेजकर दें शुभकामनाएं
ऐसी मान्यता है कि माघ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को ब्रह्मांड के दिव्य वास्तुकार भगवान विश्वकर्मा का प्राकट्य हुआ था, इसलिए माघ महीने में देश के उत्तर और पश्चिमी भागों में विश्वकर्मा जयंती का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है. ऐसे में इस खास अवसर पर आप इन भक्तिमय हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर अपनों को विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Vishwakarma Jayanti 2025 Wishes in Hindi: भगवान विश्वकर्मा (Bhagwan Vishwakarma) को देवशिल्पी कहा जाता है, जिनकी पूजा का पर्व अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से हर साल 16 या 17 सितंबर को धूमधाम से मनाया जाता है, जबकि हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को देश के कई हिस्सों में विश्वकर्मा जयंती (Vishwakarma Jayanti) का पर्व हर्षोल्लास से मनाया जाता है. माघ मास की विश्वकर्मा जयंती इस साल 10 फरवरी 2025 को मनाई जा रही है. हिंदू धर्म की प्रचलित मान्यताओं के अनुसार, भगवान ब्रह्मा के पुत्र धर्म और उनके पुत्र वास्तुदेव का विवाह अंगीरसी नाम की कन्या से हुआ था, जिनकी संतान भगवान विश्वकर्मा हैं. उन्हें इस संसार का पहला इंजीनियर भी कहा जाता है, इसलिए विश्वकर्मा जयंती पर दफ्तरों और कारखानों में रखे मशीनों के अलावा घर में रखे औजारों की विधिवत पूजा की जाती है, जबकि विद्यार्थी और शिक्षक इस दिन किताब व कलम की पूजा करते हैं.
ऐसी मान्यता है कि माघ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को ब्रह्मांड के दिव्य वास्तुकार भगवान विश्वकर्मा का प्राकट्य हुआ था, इसलिए माघ महीने में देश के उत्तर और पश्चिमी भागों में विश्वकर्मा जयंती का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है. ऐसे में इस खास अवसर पर आप इन भक्तिमय हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर अपनों को विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
गौरतलब है कि विश्वकर्मा जयंती पर देवताओं के शिल्पकार और संसार के पहले इंजीनियर भगवान विश्वकर्मा की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है. इस दिन लोहार, मजदूर, बढ़ई, इंजीनियर, वास्तुकार, मूर्तिकार और फैक्ट्री में काम करने वाले लोग मशीनों व औजारों की पूजा करते हैं. देश के उत्तर-पश्चिम हिस्सों में मनाए जाने वाले इस पर्व के दौरान कई सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. विश्वकर्मा जयंती पर सभी प्रकार के श्रम की महत्ता को उजागर किया जाता है, चाहे वह कितना भी मामूली क्यों न हो, क्योंकि यह समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान करता है.