Shiv Jayanti 2022 Quotes: छत्रपति शिवाजी महाराज की 392वीं जयंती, प्रियजनों के साथ शेयर करें उनके ये 10 महान विचार
शिवाजी महाराज जितने महान शासक और वीर योद्धा थे, उतने ही महान उनके विचार भी थे. आज भी उनके विचार लोगों को प्रेरणा देते हैं. मुगलों के शासन काल में मराठों की स्वतंत्रता को बनाए रखने में बहुमूल्य योगदान देने वाले शिवाजी महाराज की 392वीं जयंती पर आप उनके इन 10 महान विचारों को वॉट्सऐप, फेसुबक, इंस्टाग्राम और ट्विटर के जरिए शेयर करके उनके जन्मोत्सव को सेलिब्रेट कर सकते हैं.
Chhatrapati Shivaji Maharaj 2022 Quotes in Hindi: भारत के इतिहास में छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज है. अपनी वीरता और पराक्रम के दम पर मुगलों को घुटने टेकने पर मजबूर करने वाले वीर मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) की आज यानी 19 फरवरी को 392वीं जयंती मनाई जा रही है. मराठा साम्राज्य के संस्थापक, महान योद्धा और दयालु शासक के तौर पर इतिहास के पन्नों में अपनी वीरगाथा को दर्ज कराने वाले छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630 को पुणे के पास स्थित शिवनेरी दुर्ग में हुआ था. उनके पिता का नाम शाहजी भोंसले और माता का नाम जीजाबाई था. देवी शिवाई के नाम पर ही जीजाबाई ने अपने पुत्र का नाम शिवाजी रखा था. महाराष्ट्र में शिवाजी जयंती यानी शिव जयंती को बहुत धूमधाम से मनाया जाता है. शिवाजी महाराज भारत के एकमात्र ऐसे योद्धा थे जिन्होंने गोरिल्ला युद्ध नीति को जन्म दिया था और युद्ध के दौरान इसका इस्तेमाल भी किया.
इसमें कोई दो राय नहीं है कि शिवाजी महाराज जितने महान शासक और वीर योद्धा थे, उतने ही महान उनके विचार भी थे. आज भी उनके विचार लोगों को प्रेरणा देते हैं. मुगलों के शासन काल में मराठों की स्वतंत्रता को बनाए रखने में बहुमूल्य योगदान देने वाले शिवाजी महाराज की 392वीं जयंती पर आप उनके इन 10 महान विचारों को वॉट्सऐप, फेसुबक, इंस्टाग्राम और ट्विटर के जरिए शेयर करके उनके जन्मोत्सव को सेलिब्रेट कर सकते हैं.
1- शत्रु को कमजोर नहीं समझना चाहिए और ना ही बलवान, जो वो आपके साथ कर रहा है उस पर ही ध्यान देना चाहिए.

2- यद्यपि सबके हाथ में एक तलवार होती है, लेकिन वो ही साम्राज्य स्थापित करता है जिसमें इच्छाशक्ति होती है.

3- किसी भी चीज को पाने का हौसला बुलंद हो तो पर्वत को भी मिट्टी में बदला जा सकता है.

4- जब आप अपने लक्ष्य को तन-मन से चाहोगे तो मां भवानी की कृपा से जीत आपकी ही होगी.

5- जो व्यक्ति स्वराज्य और परिवार के बीच स्वराज्य को चुनता है, वही एक सच्चा नागरिक होता है.

6- अपने आत्मबल को जगाने वाला, खुद को पहचानने वाला और मानव जाति के कल्याण की सोच रखने वाला पूरे विश्व पर राज कर सकता है.

7- जो मनुष्य अपने बुरे समय में भी अपने कार्यो में डटा रहता है, उसके लिए बुरा समय भी अच्छे में तब्दील हो जाता है.

8- किसी भी कार्य को करने से पहले उसके परिणाम को सोच लेना भी बेहतर होता है, क्योंकि आने वाली पीढ़ी आपका ही अनुसरण करती है.

9- एक वीर योद्धा हमेशा केवल विद्वानों के सामने ही झुकता है.

10- इस दुनिया में हर व्यक्ति को स्वतंत्र रहने का अधिकार है और उस अधिकार को पाने के लिए वह किसी से भी लड़ सकता है.

गौरतलब है कि शिवाजी महाराज के जन्म के दौरान मुगलों का साम्राज्य पूरे भारत में फैल चुका था. शिवाजी महाराज बचपन से ही अपनी माता जीजाबाई से युद्ध कौशल और राजनीति की शिक्षा लेने लगे थे. बचपन से ही वो खेल-खेल में किले जीतने लगे थे. उन्होंने न सिर्फ मुगलों के खिलाफ जंग का ऐलान किया, बल्कि उन्हें घुटने टेकने पर भी मजबूर कर दिया. इसके साथ ही उन्होंने मराठा साम्राज्य की नींव रखी और शिवाजी भोंसले से छत्रपति शिवाजी महाराज बन गए. उनके जन्मोत्सव पर उनके द्वारा किए गए त्याग और बलिदान को याद किया जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 19, 2022 08:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

