Shab-e-Qadr Mubarak 2025 Wishes: शब-ए-क़द्र (Shab-e-Qadr) किस दिन होगी, यह चांद के दिखने पर निर्भर करेगा. हालांकि, 2025 में यह 27 मार्च को पड़ने की उम्मीद है, जो गुरुवार को है. यह रमज़ान के महीने की 27वीं रात को मनाया जाता है. शब-ए-कद्र, जिसे लैलात अल-कद्र (Laylat al-Qadr) के नाम से भी जाना जाता है, उस दिन को याद करता है जब कुरान की आयतें पहली बार पैगंबर मुहम्मद (PBUH) पर उतरी थीं. इसे इस्लामी आस्था की सबसे पवित्र रातों में से एक माना जाता है. इस दिन को मनाने के लिए मुसलमान पूरी रात कुरान की आयतें पढ़ते हैं. ऐसा माना जाता है कि इस रात में सर्वशक्तिमान की कृपा बरसती है. इस रात अल्लाह के लिए विशेष प्रार्थना या 'दुआ' भी की जाती है. धार्मिक विद्वान और उपदेशक कुरान, इसकी आयतों और पैगंबर के जीवन पर चर्चा करते हैं ताकि मुसलमानों को धार्मिकता और आस्था के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया जा सके. यह भी पढ़ें: Shab-e-Qadr 2025 Mehndi Design: नेमतों की रात शब-ए कद्र पर ये खूबसूरत मेहंदी डिजाइन लगाकर अपने हाथों में लगाएं चार चांद, देखें वीडियो
शब-ए-क़द्र का महत्व इसके अमूर्त आध्यात्मिक अर्थ से कहीं बढ़कर है. मुसलमानों के लिए यह रात हज़ार महीनों से ज़्यादा पवित्र है. मान्यता है कि इस रात अल्लाह की इबादत करना हज़ार महीनों तक की गई इबादत से ज़्यादा पवित्र है. शब-ए-क़द्र का महत्व रात के दौरान मुसलमानों द्वारा किए जाने वाले अभ्यासों और उसी का पालन करने में है. कई लोग पूरी रात प्रार्थना और कुरान की तिलावत में बिताते हैं. कुछ लोग गरीबों को खाना खिलाने और ज़रूरतमंदों की मदद करने जैसे दान भी करते हैं.
1. शब -ए-कद्र के मौके पर अल्लाह आपको अपनी
बेहतरीन नेमतों से नवाज़े
शब-ए-क़द्र मुबारक

2. आपकी जिंदगी रमजान के महीने की तरह
नेकियों से भरी रहे
शब-ए-क़द्र मुबारक

3. अल्लाह आप सभी को हमेशा खुश रखें और
अपनी पनाह में रखें आमीन!
शब-ए-क़द्र मुबारक

4. सालों के बराबर अकेली रात है ये,
सबसे बड़ी बेशक खुदा ही ज़ात है ये
वही है हर चीज पर कादिर यहां,
उसी ने बनाए बिगाड़े हालात है ये
शब-ए-क़द्र मुबारक

5. ये कलामे इलाही जिस रात नाजिल हुआ,
दिल में मेरे सुकून उस वक्त दाखिल हुआ
आज गिड़गिड़ाकर मौला से माफी मांगनी है,
कई महीनो की इबादत का शर्फ़ हासिल हुआ
"शब-ए-क़द्र मुबारक हो

शब-ए-क़द्र की वास्तविकता यह है कि यह इस्लामी विश्वास और परंपरा से बहुत जुड़ा हुआ है. यह मुसलमानों के कैलेंडर में सबसे महत्वपूर्ण और धन्य रातों में से एक है. कुरान की मान्यता है कि क़द्र की रात विशेष है और इसमें अल्लाह से उन लोगों पर आशीर्वाद का वादा किया गया है जो उससे क्षमा मांगते हैं और उसके मार्गदर्शन का आह्वान करते हैं.













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