Sardar Patel Jayanti 2025 Quotes: सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती पर उनके इन 10 महान विचारों को शेयर कर दें देश के ‘लौह पुरुष’ को श्रद्धांजलि
देश के लौह पुरुष यानी आयरन मैन सरदार वल्लभभाई पटेल स्वभाव से बेहद शांत और नरम दिल के व्यक्ति थे, लेकिन उनके विचार हमेशा ही लोगों के लिए प्रेरणादायी रहे हैं. यही वजह है कि आज भी लोग उनके विचारों से प्रेरित होते हैं. ऐसे में इस खास अवसर पर आप सरदार वल्लभभाई पटेल के इन 10 महान विचारों को अपनों संग शेयर करके देश के लौह पुरुष को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं.
Sardar Patel Jayanti 2025 Quotes in Hindi: भारत सरकार ने साल 2014 में 31 अक्टूबर यानी सरदार वल्लभभाई पटेल के जन्मदिवस (Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti) को राष्ट्रीय एकता दिवस यानी नेशनल यूनिटी डे (National Unity Day) के तौर पर मनाने का फैसला किया, तब से हर साल इस दिन को हर्षोल्लास से मनाया जाता है. इस दिन राजधानी दिल्ली में मुख्य समारोह आयोजित किया जाता है. इस दिन राष्ट्रीय एकता दिवस के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिए और सरदार पटेल की याद में 'रन फॉर यूनिटी' का आयोजन किया जाता है. बता दें कि हर साल 31 अक्टूबर को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती (Sardar Vallabhbhai Patel Jayanti) देशभर में मनाई जाती है. आजाद भारत के पहले गृह मंत्री रहे सरदार पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात (Gujarat) के नाडियाद में हुआ था. उनके पिता का नाम झावेर भाई और मां का नाम लाडबा पटेल था. वो अपने माता-पिता की चौथी संतान थे.
देश के लौह पुरुष यानी आयरन मैन सरदार वल्लभभाई पटेल स्वभाव से बेहद शांत और नरम दिल के व्यक्ति थे, लेकिन उनके विचार हमेशा ही लोगों के लिए प्रेरणादायी रहे हैं. यही वजह है कि आज भी लोग उनके विचारों से प्रेरित होते हैं. ऐसे में इस खास अवसर पर आप सरदार वल्लभभाई पटेल के इन 10 महान विचारों को अपनों संग शेयर करके देश के लौह पुरुष को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं.










गौरतलब है कि भारत की आजादी के बाद सन 1947 में सरदार पटेल भारत के पहले गृहमंत्री और उप प्रधानमंत्री बने. उन्होंने आजादी के बाद 500 से ज्यादा रियासतों को भारतीय डोमिनियन में एकीकृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके कारण उन्हें भारत के लौह पुरुष की उपाधि मिली. उन्होंने इंग्लैंड में अपनी कानूनी पढ़ाई की और अपनी डिग्री पूरी करने के बाद सन 1913 में भारत लौट आए, फिर महात्मा गांधी का भाषण सुनने के बाद वे राजनीति में आ गए और जल्द ही भारत में ब्रिटिश शासन के प्रबल विरोधी बन गए. सरदार पटेल जयंती पर देश के लिए किए गए उनके महत्वपूर्ण कार्यों को याद किया जाता है और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 31, 2025 07:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

