दिल्ली में रमजान का चांद दिखाई देने के बाद भारत में कल से पहला रोजा रखा जाएगा. वहीं, लखनऊ में भी चांद नजर आया है. दिल्ली सहित अन्य शहरों में चांद दिखाई देने के बाद पूरे देश में 19 फरवरी से रोजा शुरू होगा.
Ramadan Moon Sighting in UP: लखनऊ में भी नजर आया रमजान का चांद
उत्तर प्रदेश समेत पूरे भारत में आज शाम रमजान का चांद देखने की कोशिश की जाएगी. लखनऊ की मरकजी चांद कमेटी के अनुसार, यदि आज चांद नजर आता है, तो प्रदेश में कल यानी 19 फरवरी से पहला रोजा रखा जाएगा.
Ramzan Moon Sighting in UP: उत्तर प्रदेश में इबादत के पाक महीने 'रमजान' के स्वागत की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. आज, 18 फरवरी की शाम को राजधानी लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और मेरठ समेत राज्य के तमाम जिलों में चांद देखने की कोशिश की जाएगी. इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, यदि आज शाबान महीने की 29 तारीख को चांद का दीदार होता है, तो कल 19 फरवरी, 2026 को भारत में पहला रोजा रखा जाएगा.
सऊदी अरब में मंगलवार को ही चांद नजर आया
सऊदी अरब और खाड़ी देशों में मंगलवार को ही चांद नजर आ गया था, जिसके चलते वहां आज पहला रोजा रखा गया है. भारतीय परंपरा और भौगोलिक स्थिति के अनुसार, यहां चांद आमतौर पर खाड़ी देशों के एक दिन बाद दिखाई देता है. यह भी पढ़े: Ramadan Sehri-Iftar Time Table in UP: क्या भारत में कल से शुरू होगा रमजान का पाक महीना? यहां जानें यूपी के रायबरेली और जौनपुर के सहरी-इफ्तार का सही टाइम टेबल
मरकजी चांद कमेटी की अपील
लखनऊ स्थित 'मरकजी चांद कमेटी' के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने राज्य के मुसलमानों से अपील की है कि वे आज सूर्यास्त के बाद चांद देखने की कोशिश करें. उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी चांद नजर आता है, तो उसकी तस्दीक (पुष्टि) स्थानीय हिलाल कमेटी या मरकजी कमेटी को तुरंत दी जाए. शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने भी इसी तरह की अपील जारी की है.
मस्जिदों में 'तरावीह' के विशेष इंतजाम
चांद दिखने की संभावना को देखते हुए प्रदेश भर की मस्जिदों में 'तरावीह' (विशेष रात्रि प्रार्थना) के लिए साफ-सफाई और रोशनी के इंतजाम किए गए हैं. यदि आज शाम चांद नजर आता है, तो आज रात से ही मस्जिदों में कुरान का पाठ (तरावीह) शुरू हो जाएगा. लखनऊ की ऐशबाग ईदगाह और टीले वाली मस्जिद जैसी प्रमुख जगहों पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के जुटने की उम्मीद है.
संभावित सहरी और इफ्तार का समय (लखनऊ)
खगोलीय गणनाओं के अनुसार, यदि कल पहला रोजा होता है, तो लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में समय कुछ इस प्रकार हो सकता है:
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सहरी का आखिरी समय: सुबह लगभग 5:35 AM
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इफ्तार का समय: शाम लगभग 6:02 PM
अगर आज बादल या धुंध के कारण चांद नजर नहीं आता है, तो शाबान का महीना 30 दिन का माना जाएगा और पहला रोजा शुक्रवार, 20 फरवरी से शुरू होगा. हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार आज आसमान साफ रहने की उम्मीद है.