नई दिल्ली: रमजान (Ramadan) का यह पाक महिना लोगों के बीच से रुखसत होने वाला है. इस पाक महीने में रमजान का आज आखिरी जुमा यानी अलविदा की नमाज पढ़ी गई. हालांकि यह और बात है कि देश में लॉकडाउन के चलते मस्जिदें बंद होने की वजह से लोग अपने घरों में ही नमाज अदा की. मुस्लिम कमेटियों की तरफ से भी लोगों के अपील की गई थी कि लॉकडाउन के चलते लोग मस्जिदों में ना जाकर अपने घर पर ही रमजान के आखिरी जुमे की नमाज पढ़े. कुछ इसी तरह से ईद की नमाज को लेकर भी सरकार के साथ-साथ मुस्लिम कमेटी की तरह से अपील की गई है कि लोग ईद (Eid-ul-Fitr) की नमाज भी अपने घरों में पढ़े. रमजान के इस पाक महीने में 28 रोजा गुजर जाने के बाद कल शनिवार (23 मई) को 29 वां रोजा रखा जायेगा. शनिवार को चांद दिखा तो रविवार 24 मई को ईद की नमाज पढ़ी जायेगी, चांद नहीं दिखा तो सोमवार 25 मई को ईद की नमाज अदा की जाएगी. लेकिन यह सब चांद दिखे पर निर्भर है.
ऐसे में यदि आप मुंबई, दिल्ली, लखनऊ, हैदराबाद और कोलकाता में रहते हैं. यदि आपके पास इस्लामिक कैलेंडर है तो आप कैलेंडर में सहरी (Sehri) और इफ्तार (Iftar) का समय देखकर सहरी और इफ्तार कर सकते हैं नहीं तो आप लेटेस्टली के इस साइट पर पढ़कर सहरी और इफ्तार का सही समय जान सकते हैं. जैसा कि सहरी फज्र की नमाज से 10 मिनट पहले की जा सकती हैं. वही सूरज डूबने के दो मिनट बाद मगरिब शुरू होता है. जो मगरिब की अजान के बाद इफ्तारी की जा सकती है. इफ्तारी के बाद ईशा की नमाज और तरावीह की नमाज भी पढ़ना जरूरी होता है.
यहां देखें सहरी और इफ्तार का सही समय- (23 मई 2020 शनिवार )
Sehri-Iftar Timing in Mumbai
| DATE | SEHRI | IFTAR |
|---|---|---|
| 22 MAY 2020 | 04:40 AM | 7:10 PM |
Sehri-Iftar Timing in Delhi
| DATE | SEHRI | IFTAR |
|---|---|---|
| 22 MAY 2020 | 03:55 AM | 7:12 PM |
Sehri-Iftar Timing in Lucknow
| DATE | SEHRI | IFTAR |
|---|---|---|
| 22 MAY 2020 | 03:46 AM | 6:53 PM |
Sehri-Iftar Timing in Hyderabad
| DATE | SEHRI | IFTAR |
|---|---|---|
| 22 MAY 2020 | 04:02 AM | 7:19 PM |
Sehri-Iftar Timing in Kolkata
| DATE | SEHRI | IFTAR |
|---|---|---|
| 22 MAY 2020 | 03:29 AM | 6:14 PM |
वहीं सऊदी अरब के साथ ही केरल और कर्नाटक में 22 मई को चांद नही दिखा अब 24 मई को सऊदी अरब के साथ ही केरल और कर्नाटक में ईद मनाई जायेगी.
रमजान के इस पाक महीने में गरीब के लिए जकात और फितरा निकाला जाता है. जकात उस मुसलमान इन्सान पर फ़र्ज है. जो मालदार है. जिसे अपने माल के हिस्से से 2.5 फीसदी यानी सौ रुपये पर ढाई रुपए जमता निकालना फर्ज है. वहीं ईद (ईद-उल-फितर ) की नमाज से पहले लोगों को फितरा निकालना भी फर्ज होता है. फितरा लोगों को ईद की नमाज से पहले गेंहू ढाई या फिर पवने तीन किलो निकालर पास पड़ोस या रिश्तेदारों को दे दे. वह चाहे तो गेंहू की रकम जितना बन रहा है उतनी रकम वह पैसे भी दे सकता है.













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