National Sandwich Day 2025: हर साल क्यों मनाया जाता है नेशनल सैंडविच डे, जानें इसका इतिहास और महत्व
हर साल 3 नवंबर को नेशनल सैंडविच डे (National Sandwich Day) मनाया जाता है. सैंडविच खाने के सबसे पसंदीदा चीजों में से एक है. सैंडविच का मतलब मुख्य रूप से मांस, पनीर या अन्य टुकड़ों के साथ ब्रेड के दो पिस के बीच में रखकर खाया जाता है. कुल मिलाकर, अमेरिकी हर दिन 30 करोड़ से ज़्यादा सैंडविच खाते हैं..
National Sandwich Day 2025: हर साल 3 नवंबर को नेशनल सैंडविच डे (National Sandwich Day) मनाया जाता है. सैंडविच खाने के सबसे पसंदीदा चीजों में से एक है. सैंडविच का मतलब मुख्य रूप से मांस, पनीर या अन्य टुकड़ों के साथ ब्रेड के दो पिस के बीच में रखकर खाया जाता है. कुल मिलाकर, अमेरिकी हर दिन 30 करोड़ से ज़्यादा सैंडविच खाते हैं! सैंडविच हज़ारों तरह के होते हैं. कुछ आम सैंडविच में हैम एंड चीज़, बीएलटी, फिलाडेल्फिया चीज़स्टेक, क्लब सैंडविच, डैगवुड, फ्रेंच डिप, मोंटे क्रिस्टो, पो'बॉय, रूबेन, स्लोपी जो, सबमरीन और टूना फिश शामिल हैं. भारत में भी कई प्रकार के सैंडविच खाए जाते हैं. लेकिन वेज टोस्ट सैंडविच वेजिटेरियन और ऑफिस में काम करनेवाले लोगों का ज्यादा पसंदीदा है. यह हेल्दी भी है और खाने में हाथ भी गंदे नहीं होते. इसलिए व्यस्त लोग इसे ज्यादा खाना पसंद करते हैं. यह भी पढ़ें: Symptoms and Remedies of Vitamin B12 Deficiency: विटामिन बी12 की कमी को न करें नजरअंदाज, आयुर्वेद से जानें लक्षण और उपाय
सैंडविच का आविष्कार कब और कैसे हुआ?
ऐसा माना जाता है कि जॉन मोंटेगू फोर्थ अर्ल (John Montagu, 4th Earl (1718-1792) ने 18वीं सदी में सैंडविच का आविष्कार किया था. लॉर्ड सैंडविच एक नियमित जुआरी थे, वो खाने के लिए भी अपना जुआ छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे, इसलिए उन्होंने एक नौकर से दो ब्रेड के टुकड़ों के बीच भुना हुआ बीफ़ रखकर लाने को कहा. इससे उन्हें अपनी लत में खलल डाले बिना या ताश के पत्ते गंदे किए बिना खाने की सुविधा मिली. उनके साथी जुआरी भी यही मांगने लगे. और इस तरह, कुलीन आलस्य के एक कृत्य के माध्यम से, आधुनिक सैंडविच का जन्म हुआ.
हालाँकि कुछ इतिहासकारों का दावा है कि "सैंडविच" का पहला ज़िक्र 18वीं सदी के एक अंग्रेज़ सांसद एडवर्ड गिब्बन की पत्रिका में मिलता है, लेकिन संभावना है कि सैंडविच का अस्तित्व उससे भी बहुत पहले का है. व्यावहारिक रूप से, सैंडविच तब से मौजूद है जब से इंसान ने ब्रेड खाना शुरू किया.
दरअसल, कुछ इतिहासकार इसे पहली शताब्दी ईसा पूर्व तक ले जाते हैं, जब यहूदी रब्बी हिलेल द एल्डर, दो ब्रेड के टुकड़ों के बीच लैम्ब, हर्ब्स और मेवे डालते थे! लेकिन, आज इसे रब्बी के नाम पर "हिलेल" नहीं कहा जाता. इसे "सैंडविच" कहा जाता है, उस अर्ल के नाम पर जो कई सौ साल बाद आया.
सैंडविच दुनियाभर में लोगों का पसंदीदा भोजन
विदेशों के साथ- साथ भारत में भी सैंडविच लोकप्रिय है. हेल्दी खाने वाले लोग हरी सब्जियों वाला सैंडविच खाना ज्यादा पसंद करते हैं. भारत में वेज नॉन वेज कई प्रकार के सैंडविच परोसे जाते हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 03, 2025 11:46 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

