Mahatma Jyotiba Phule Jayanti 2025 Marathi Wishes: महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती के इन मराठी WhatsApp Stickers, GIF Greetings, HD Images के जरिए दें शुभकामनाएं
सत्यशोधक समाज की स्थापना करने वाले ज्योतिबा फुले को उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए ही सन 1888 में महात्मा की उपाधि से नवाजा गया. ज्योतिबा फुले को महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए याद किया जाता है. ऐसे में महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती के इस खास अवसर पर आप मराठी के इन शानदार विशेज, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, एचडी इमेजेस को भेजकर शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Mahatma Jyotiba Phule Jayanti 2025 Marathi Wishes: 19वीं सदी के महान समाज सुधारक, समाजसेवी, लेखक और क्रांतिकारी कार्यकर्ता महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती (Mahatma Jyotiba Phule Jayanti) हर साल 11 अप्रैल को मनाई जाती है. उनका जन्म 11 अप्रैल 1827 को पुणे में हुआ था. उनके पिता का नाम गोविंदराव और माता का नाम चिमनाबाई था. अपने जीवनकाल में फुले ने सामाजिक कुरीतियो से समाज को मुक्त कराने के लिए बड़े पैमाने पर आंदोलन चलाए. इसके लिए उन्होंने सबसे पहले महाराष्ट्र में महिला शिक्षा और अछूतों के उद्धार के लिए कार्य शुरु किया. लड़कियों और दलितों के लिए पहला स्कूल खोलने का श्रेय भी ज्योतिबा फुले को ही दिया जाता है. ज्योतिबा फुले ने किसानों और मजदूरों के हकों के लिए भी सराहनीय प्रयास किया.
सत्यशोधक समाज की स्थापना करने वाले ज्योतिबा फुले को उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए ही सन 1888 में महात्मा की उपाधि से नवाजा गया. ज्योतिबा फुले को महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए याद किया जाता है. ऐसे में महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती के इस खास अवसर पर आप मराठी के इन शानदार विशेज, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, एचडी इमेजेस को भेजकर शुभकामनाएं दे सकते हैं.
1- महात्मा जोतिबा फुले यांच्या जयंती निमित्त विनम्र अभिवादन
2- महात्मा जोतिबा फुले यांच्या जयंती निमित्त विनम्र अभिवादन
3- महात्मा जोतिबा फुले यांच्या जयंती निमित्त विनम्र अभिवादन
4- महात्मा जोतिबा फुले यांच्या जयंती निमित्त विनम्र अभिवादन
5- महात्मा जोतिबा फुले यांच्या जयंती निमित्त विनम्र अभिवादन
गौरतलब है कि ज्योतिबा फुले का परिवार पेशवाओं के लिए फूलवाला के तौर पर कार्य करता था, इसलिए उन्हें मराठी में फुले कहा जाता है. समाज में फैली महिला विरोधी कुरीतियों और उनके शोषण के खिलाफ आवाज उठाने वाले महान समाज सुधारक ज्योतिबा फुले का विवाह सन 1840 में सावित्रीबाई फुले से हुआ था. ज्योतिबा फुले ने अपना संपूर्ण जीवन महिलाओं को शिक्षा का अधिकार दिलाने, बाल विवाह रोकने, विधवा विवाह का समर्थन करने और दलितों के उत्थान में समर्पित कर दिया. साल 1890 में 63 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया.