Magh Bihu 2026 Messages: माघ बिहू के इन हिंदी Quotes, WhatsApp Wishes, Facebook Greetings के जरिए प्रियजनों को दें पर्व की शुभकामनाएं
माघ बिहू, असम का एक सांस्कृतिक पर्व है, जिसका जश्न मनाने के लिए पुरुष और महिलाएं रंगीन व पारंपरिक कपड़े पहनकर डांस करते हैं. इस दिन खार, आलू पितिका, जाक और मसोर टेंगा जैसे पकवान तैयार किए जाते हैं. इसके साथ ही पर्व की बधाई दी जाती है. ऐसे में आप भी इस खास अवसर पर इन हिंदी मैसेजेस, कोट्स, वॉट्सऐप विशेज, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए प्रियजनों को माघ बिहू की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Magh Bihu 2026 Messages in Hindi: नए साल के सबसे पहले पर्व मकर संक्रांति (Makar Sankranti) को देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है. इस पर्व को देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है. मकर संक्रांति को उत्तर भारत में खिचड़ी (Khichadi), तमिलनाडु में पोंगल (Pongal), ओडिशा में मकर चौला (Makar Chaula), गुजरात में उत्तरायण (Uttarayan) और असम में माघ बिहू (Magh Bihu) कहा जाता है. असम में मनाए जाने वाले माघ बिहू (Magh Bihu) को भोगाली बिहू (Bhogali Bihu) भी कहा जाता है, जो कि किसानों और फसलों का प्रमुख पर्व है. इस साल 15 जनवरी 2025 को माघ बिहू का त्योहार मनाया जा रहा है. असम में इस पर्व को दो दिनों तक मनाया जाता है. पहले दिन को उरुका कहा जाता है और इस दिन बांस व पत्तियों से झोपड़ी बनाई जाती है, फिर दूसरे दिन वास्तविक उत्सव मेजी नामक एक अनुष्ठान के साथ शुरु होता है. इस दिन लोग खेतों में अलाव जलाकर अग्नि देव की पूजा करते हैं. इसके साथ ही वे विभिन्न प्रकार के अन्नों का भोग अर्पित करते हैं. अलाव जलाने की इस प्रथा को मेजी ज्वालुवा कहा जाता है.
माघ बिहू, असम का एक सांस्कृतिक पर्व है, जिसका जश्न मनाने के लिए पुरुष और महिलाएं रंगीन व पारंपरिक कपड़े पहनकर डांस करते हैं. इस दिन खार, आलू पितिका, जाक और मसोर टेंगा जैसे पकवान तैयार किए जाते हैं. इसके साथ ही पर्व की बधाई दी जाती है. ऐसे में आप भी इस खास अवसर पर इन हिंदी मैसेजेस, कोट्स, वॉट्सऐप विशेज, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए प्रियजनों को माघ बिहू की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
माघ बिहू असम में मनाया जाने वाला एक प्रमुख पर्व है, जिसे हिंदू पंचांग के माघ महीने और अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार जनवरी महीने में मनाया जाता है. यह पर्व फसलों की कटाई और उससे उपजे अनाज के प्रति खुशी जाहिर करने का प्रतीक है. इस पर्व को मनाने के लिए लोग अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं, नए कपड़े पहनते हैं और परिवार के साथ मिलकर इस पर्व को धूमधाम से मनाते हैं. यह त्योहार सूर्य देव और अग्नि देव को समर्पित पर्व है, इसलिए इस दिन लोग अग्नि देव व सूर्य देव की पूजा करते हैं और उन्हें नई फसल का भोग अर्पित करते हैं.