Hanuman Jayanti 2026 Wishes: हनुमान जयंती के इन भक्तिमय हिंदी Quotes, WhatsApp Status, Facebook Messages के जरिए दें प्रियजनों को शुभकामनाएं
हनुमान जयंती के पावन अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बधाई संदेशों का तांता लगा हुआ है. भक्त ‘जय श्री राम’ और ‘संकटमोचन हनुमान’ के जयकारों के साथ भक्तिमय कोट्स, एचडी वॉलपेपर्स और जीआईएफ (GIF) साझा कर रहे हैं. इन संदेशों के जरिए लोग एक-दूसरे के सुख, शांति और साहस की कामना कर रहे हैं.
Hanuman Jayanti 2026 Wishes In Hindi: हिंदू धर्म में अटूट आस्था के केंद्र और भगवान श्रीराम (Bhagwan Shri Ram) के अनन्य भक्त हनुमान जी (Hanuman Ji) का जन्मोत्सव इस वर्ष 2 अप्रैल, 2026 को पूरे देश में श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को जन्मे बजरंगबली को अमरत्व का वरदान प्राप्त है. यही कारण है कि उन्हें कलियुग का जागृत देवता माना जाता है, जो अपने भक्तों के सभी संकटों और कष्टों को दूर करते हैं.
शास्त्रों के अनुसार, हनुमान जी का जन्म माता अंजनी और पिता केसरी के घर हुआ था. मान्यता है कि उनका अवतार विशेष रूप से भगवान राम की सेवा और धर्म की स्थापना में सहायता के लिए हुआ था. माता सीता की खोज से लेकर लंका विजय तक, हनुमान जी की भूमिका अद्वितीय रही है. आज भी भक्त उन्हें शक्ति, बुद्धि और विद्या के प्रदाता के रूप में पूजते हैं.
हनुमान जयंती के पावन अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बधाई संदेशों का तांता लगा हुआ है. भक्त ‘जय श्री राम’ और ‘संकटमोचन हनुमान’ के जयकारों के साथ भक्तिमय कोट्स, एचडी वॉलपेपर्स और जीआईएफ (GIF) साझा कर रहे हैं. इन संदेशों के जरिए लोग एक-दूसरे के सुख, शांति और साहस की कामना कर रहे हैं.





हनुमान जयंती के दिन मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहता है. इस दिन बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं. इस दिन हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है. हनुमान जी को बूंदी, बेसन के लड्डू, हलवा और पान का बीड़ा अर्पित करने की परंपरा है. माना जाता है कि जो लोग गंभीर रोगों या भय से जूझ रहे हैं, उन्हें इस दिन विशेष रूप से चमेली के तेल का दीपक जलाकर प्रार्थना करनी चाहिए.
2 अप्रैल को पड़ने वाली इस जयंती को लेकर देश के प्रमुख हनुमान मंदिरों, विशेषकर अयोध्या और काशी में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं. चूंकि यह पर्व चैत्र पूर्णिमा को आता है, इसलिए इस दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व होता है. कई जगहों पर भंडारे और सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के आयोजन किए जा रहे हैं, जो समाज में सद्भावना और भक्ति का संदेश दे रहे हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 01, 2026 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

