Hanuman Jayanti 2025 Wishes: हनुमान जयंती के इन भक्तिमय हिंदी WhatsApp Messages, Facebook Greetings, Quotes के जरिए दें अपनों को शुभकामनाएं
हनुमान जयंती के दिन हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इसके साथ ही बुरी आत्माओं व नकारात्मक शक्तियों से भी भक्तों की रक्षा होती है. इस दिन शुभकामना संदेशों का आदान-प्रदान किया जाता है, ऐसे में इस खास अवसर पर आप इन भक्तिमय विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स, कोट्स के जरिए अपनों को हनुमान जयंती की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Hanuman Jayanti 2025 Wishes in Hindi: हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को रामभक्त हनुमान जी का जन्म हुआ था, इसलिए हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) का त्योहार देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है, जबकि कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को भी हनुमान जन्मोत्सव का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. हनुमान जी को भगवान शिव (Bhagwan Shiv) का 11वां रुद्रावतार माना जाता है और वे श्रीराम के परम भक्त कहलाते हैं. इसके साथ ही हनुमान जी को कलयुग का देवता भी कहा जाता है, जो कलयुग के अंत तक धरती पर वास करने वाले देव हैं. इस साल हनुमान जयंती के पर्व को 12 अप्रैल 2025 को मनाया जा रहा है. हनुमान जयंती पर देशभर के तमाम हनुमान मंदिरों में विशेष पूजा-अनुष्ठान का आयोजन किया जाता है. ऐसी मान्यता है कि हनुमान जी की नियमित उपासना से भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है.
मान्यता है कि हनुमान जयंती के दिन हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इसके साथ ही बुरी आत्माओं व नकारात्मक शक्तियों से भी भक्तों की रक्षा होती है. इस दिन शुभकामना संदेशों का आदान-प्रदान किया जाता है, ऐसे में इस खास अवसर पर आप इन भक्तिमय विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स, कोट्स के जरिए अपनों को हनुमान जयंती की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
भगवान हनुमान जी को आंजनेय, केसरीनंदन और बजरंगबली जैसे नामों से जाना जाता है. ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान कलियुग के एकमात्र ऐसे देवता हैं, जो भक्तों की थोड़ी सी भक्ति से प्रसन्न होकर उन्हें मनचाहा वरदान देते हैं. उन्हें अष्ट सिद्धि और नव निधि का दाता माना जाता है, जो अपने भक्तों के जीवन से सभी संकटों को दूर करते हैं, इसलिए उन्हें संकटमोचन भी कहा जाता है.