Durga Puja 2025 Wishes: दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं देने के लिए अपनों को भेजें ये हिंदी Quotes, WhatsApp Messages और Facebook Greetings
महा षष्ठी तिथि यानी दुर्गा पूजा के पहले दिन बंगाली समुदाय के लोग ढाक-ढोल, शानदार दावत, बोधन निमंत्रण और पूजा-अनुष्ठान के साथ मां दुर्गा का धूमधाम से स्वागत करते हैं. इस दिन शंख की ध्वनि और ढोल की आवाज के साथ मां दुर्गा के चेहरे का अनावरण किया जाता है. ऐसे में इस अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों को दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Durga Puja 2025 Wishes in Hindi: एक तरफ जहां हर कोई मां दुर्गा (Maa Durga) के नौ स्वरूपों की उपासना और भक्ति में लीन है तो वहीं दूसरी तरफ शारदीय नवरात्रि (Sharad Navratri) के छठे दिन पांच दिवसीय दुर्गा पूजा उत्सव की शुरुआत हो जाती है. नवरात्रि का छठा दिन नवदुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी (Maa Katyayani) को समर्पित होता है, इसलिए भक्त उनकी उपासना करते हैं, लेकिन शारदीय नवरात्रि की षष्ठी तिथि बंगाली समुदाय के लोगों के लिए बेहद खास मानी जाती है. इस तिथि को महा षष्ठी (Maha Sasthi) भी कहा जाता है, क्योंकि इसी तिथि से पांच दिवसीय दुर्गा पूजा (Durga Puja) का भव्य आगाज होता है. इस साल 28 सितंबर 2025 को महा षष्ठी तिथि है और इसी दिन दुर्गा पूजा की शुरुआत हो रही है, जिसका समापन 2 अक्टूबर 2025 को विजयादशमी के साथ होगा. दुर्गा पूजा का पर्व बंगाली समुदाय के लोग बहुत जोश और उत्साह के साथ मनाते हैं. षष्ठी तिथि से लेकर दशमी तिथि तक मां दुर्गा की उपासना की जाती है और विजयादशमी के दिन मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है.
महा षष्ठी तिथि यानी दुर्गा पूजा के पहले दिन बंगाली समुदाय के लोग ढाक-ढोल, शानदार दावत, बोधन निमंत्रण और पूजा-अनुष्ठान के साथ मां दुर्गा का धूमधाम से स्वागत करते हैं. इस दिन शंख की ध्वनि और ढोल की आवाज के साथ मां दुर्गा के चेहरे का अनावरण किया जाता है. ऐसे में इस अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए अपनों को दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं दे सकते हैं.





गौरतलब है कि बंगाली समुदाय के लोग दुर्गा पूजा उत्सव को बहुत धूमधाम से मनाते हैं, जिसकी शुरुआत आमतौर पर महालया से ही हो जाती है. ऐसी मान्यता है कि महालया के दिन मां दुर्गा कैलाश पर्वत से धरती पर आती हैं और इसी दिन देवी दुर्गा (Maa Durga) के नेत्र बनाए जाते हैं, जिसे चक्षुदान कहा जाता है. महालया के अगले दिन आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो जाती है, जबकि वास्तविक पांच दिवसीय दुर्गा पूजा की शुरुआत आश्विन शुक्ल षष्ठी से होती है. आश्विन शुक्ल षष्ठी से आश्विन शुक्ल दशमी तक मनाए जाने वाले इस पांच दिवसीय उत्सव का आखिरी दिन विजयादशमी होता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 27, 2025 02:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

