Dhanvantari Jayanti 2024 Messages: धन्वंतरि जयंती के इन हिंदी Quotes, WhatsApp Wishes, Facebook Greetings को शेयर कर दें पर्व की शुभकामनाएं
धार्मिक मत है कि भगवान धन्वन्तरि की पूजा करने से व्यक्ति को उत्तम आरोग्य, आय, सुख, सौभाग्य, ऐश्वर्य, संपत्ति समेत सभी प्रकार के सांसारिक सुखों की प्राप्ति होती है. इसके साथ ही शारीरिक और मानसिक कष्टों से मुक्ति पाने के लिए भी उनकी पूजा की जाती है. ऐसें में धन्वंतरि जयंती पर आप इन हिंदी मैसेजेस, कोट्स, वॉट्सऐप विशेज, फेसबुक ग्रीटिंग्स को शेयर कर अपनों को पर्व की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Dhanvantari Jayanti 2024 Messages in Hindi: आज (29 अक्टूबर 2024) से यानी धनतेरस के साथ पांच दिवसीय दिवाली उत्सव (Diwali Utsav) की शुरुआत हो गई है. हिंदू धर्म में कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को जहां धनतेरस (Dhanteras) का पर्व मनाया जाता है तो वहीं यह तिथि भगवान धन्वंतरि (Bhagwan Dhanvantari) को समर्पित है. प्रचलित पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन तिथि पर समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए इस दिन धन्वंतरि जयंती (Dhanvantari Jayanti) का पर्व मनाया जाता है. भगवान विष्णु के अवतार भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद का जनक और देवताओं का वैद्य कहा जाता है. यही वजह है कि अच्छे आरोग्य और निरोगी काया की कामना से धनतेरस पर विधि-विधान के साथ भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है.
धार्मिक मत है कि भगवान धन्वन्तरि की पूजा करने से व्यक्ति को उत्तम आरोग्य, आय, सुख, सौभाग्य, ऐश्वर्य, संपत्ति समेत सभी प्रकार के सांसारिक सुखों की प्राप्ति होती है. इसके साथ ही शारीरिक और मानसिक कष्टों से मुक्ति पाने के लिए भी उनकी पूजा की जाती है. ऐसें में धन्वंतरि जयंती पर आप इन हिंदी मैसेजेस, कोट्स, वॉट्सऐप विशेज, फेसबुक ग्रीटिंग्स को शेयर कर अपनों को पर्व की शुभकामनाएं दे सकते हैं.





आयुर्वेद के जनक और आरोग्य के देवता कहे जाने वाले भगवान धन्वंतरि अपनी चार भुजाओ में शंख, चक्र, औषधि और अमृत कलश धारण करते हैं. धन्वंतरि जयंती के दिन ही भारत में राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस भी मनाया जाता है. कहा जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे. यह घटना कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को हुई थी. भगवान धन्वंतरि के प्रकट होने के दो दिन बाद यानी कार्तिक अमावस्या को देवी लक्ष्मी भी समुद्र से प्रकट हुई थीं, इसलिए कार्तिक अमावस्या को लक्ष्मी पूजन यानी दीपावली का पर्व मनाया जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 29, 2024 06:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

