Dahi Handi 2026: महाराष्ट्र में कब मनाई जाएगी दही हांडी, जानें तारीख, महत्व और उत्सव की पूरी जानकारी
दही हंडी की परंपरा भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल और उनकी माखन चोरी की लीलाओं से गहराई से जुड़ी हुई है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, बाल कृष्ण (माखन चोर) को माखन, दही और दूध अत्यंत प्रिय था.
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Dahi Handi 2026: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उत्साह के बाद महाराष्ट्र में दही हंडी पर्व को लेकर भव्य तैयारियां शुरू हो गई हैं. वर्ष 2026 में दही हंडी का त्योहार शनिवार, 5 सितंबर को मनाया जाएगा, जबकि इससे एक दिन पहले 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी. मुख्य रूप से मुंबई, ठाणे और पुणे जैसे शहरों में इस त्योहार को लेकर गोविंदों की टोलियों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है.
माखन चोर की बाल लीलाओं से जुड़ा इतिहास
दही हंडी की परंपरा भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल और उनकी माखन चोरी की लीलाओं से गहराई से जुड़ी हुई है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, बाल कृष्ण (माखन चोर) को माखन, दही और दूध अत्यंत प्रिय था.
यशोदा माता और गांव की गोपियां माखन को बचाने के लिए मटकियों को ऊंचाई पर लटका देती थीं. बाल कृष्ण अपने बाल-सखा 'गोपालों' के साथ मिलकर मानव पिरामिड बनाते थे और ऊंचाई पर रखी मटकी तक पहुंचकर माखन बांटकर खाते थे. दही हंडी का उत्सव इसी बाल लीला का प्रतीकात्मक रूप है, जो टीम वर्क, साहस और भक्ति का संदेश देता है.
कैसे मनाया जाता है दही हंडी का उत्सव?
दही हंडी के आयोजन के दौरान सुरक्षा और समन्वय का विशेष ध्यान रखा जाता है. त्योहार से हफ्तों पहले 'गोविंदा पाठक' (प्रतिभागियों की टीमें) मानव पिरामिड बनाने का कड़ा अभ्यास शुरू कर देते हैं.
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सजी हुई हंडी: मिट्टी की मटकी को दही, माखन, दूध और मेवों से भरकर ऊंचाई पर बांधा जाता है.
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मानव पिरामिड: गोविंदों की टोलियां एक-दूसरे के कंधों पर चढ़कर बहुस्तरीय (मल्टी-टियर) पिरामिड बनाती हैं.
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हंडी फोड़ना: पिरामिड के सबसे ऊपरी स्तर पर मौजूद गोविंदा मटकी को फोड़ता है.
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उत्साहजनक माहौल: चारों तरफ पारंपरिक ढोल-ताशों की थाप और "गोविंदा आला रे!" के जयघोष से माहौल गुंजायमान रहता है.
मुंबई और ठाणे में भव्य आयोजन
महाराष्ट्र में दही हंडी का आयोजन बड़े पैमाने पर किया जाता है. मुंबई के दादर, वर्ली, लालबाग और परेल के साथ-साथ ठाणे में बड़े-बड़े प्रायोजकों (सस्पॉन्सर) द्वारा आकर्षक पुरस्कार राशि के साथ प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है. पुणे में भी 7 या उससे अधिक स्तर के मानव पिरामिड देखने को मिलते हैं.
सार्वजनिक अवकाश के संदर्भ में, 5 सितंबर को दही हंडी के अवसर पर महाराष्ट्र में कोई आधिकारिक सार्वजनिक छुट्टी घोषित नहीं की गई है. मुंबई शहर और उपनगरीय जिलों में स्थानीय अवकाश की व्यवस्था में बदलाव किया गया है. इसके बावजूद निजी संस्थानों और आम जनता के स्तर पर इस उत्सव को लेकर अपार उत्साह बना हुआ है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 23, 2026 04:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

