VIDEO: दही हांडी के दौरान सांस्कृतिक मंचों पर अश्लील गानों और डांस पर भड़के यूजर्स, बोले- 'क्या यही है महाराष्ट्र की संस्कृति?'
इंटरनेट पर सामने आए वीडियो कथित तौर पर ठाणे के इंदिरा नगर और डोंबिवली क्षेत्रों के बताए जा रहे हैं. इन आयोजनों के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल के बजाय फूहड़ मनोरंजन पर जोर दिए जाने का आरोप लगाया जा रहा है.
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Obscene Songs and Dance at Dahi Handi Events: महाराष्ट्र में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित दही हांडी 2026 उत्सवों के दौरान मंच पर हुए कुछ डांस कार्यक्रमों को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया है. ठाणे और डोंबिवली जैसे इलाकों से सामने आए वीडियो क्लिप्स में महिलाओं द्वारा कथित रूप से द्विअर्थी और अश्लील गानों पर प्रस्तुतियां दी जा रही हैं. इन वीडियोज के वायरल होने के बाद नेटिजन्स आयोजकों की नीयत और उत्सव के गिरते स्तर पर सवाल उठा रहे हैं.
ठाणे और डोंबिवली के वीडियोज पर बढ़ा रोष
इंटरनेट पर सामने आए वीडियो कथित तौर पर ठाणे के इंदिरा नगर और डोंबिवली क्षेत्रों के बताए जा रहे हैं. इन आयोजनों के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल के बजाय फूहड़ मनोरंजन पर जोर दिए जाने का आरोप लगाया जा रहा है. यह भी पढ़े: Mumbai Dahi Handi: मुंबई में दही हांडी उत्सव के दौरान 376 'गोविंदा' घायल, दो की मौत; 286 इलाज के बाद डिस्चार्ज
सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि दही हांडी जैसे पावन और साहसिक खेल उत्सव को इस तरह के फूहड़ गानों के जरिए व्यावसायिक रूप देना महाराष्ट्र की गौरवशाली परंपरा के खिलाफ है. कई लोगों ने आयोजकों से अपनी सांस्कृतिक मर्यादाओं का ध्यान रखने की अपील की.
अश्लील गानों और डांस पर भड़के यूजर्स
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'क्या यह प्रगतिशील महाराष्ट्र की संस्कृति है?'
X (पूर्व में ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर यूजर्स ने महिलाओं के सम्मान और उत्सव के स्वरूप को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. एक मराठी यूजर ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "त्योहारों को खुशी और उत्साह के साथ मनाएं, लेकिन महिलाओं को केवल मनोरंजन के साधन के रूप में पेश करना महाराष्ट्र की संस्कृति नहीं है."
वहीं अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने बुनियादी मुद्दों की ओर ध्यान आकर्षित किया. डोंबिवली दही हांडी के संदर्भ में एक यूजर ने लिखा कि सड़कों, पानी और बुनियादी परिवहन व्यवस्था के लिए धन की कमी का हवाला दिया जाता है, लेकिन आयोजनों में इस प्रकार के गानों पर बड़े पैमाने पर खर्च किया जा रहा है.
परंपरा और आधुनिक आयोजनों का बदलता स्वरूप
पारंपरिक रूप से दही हांडी का आयोजन भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को याद करने और गोविंदा पथकों द्वारा मानवीय पिरामिड बनाकर मटकी फोड़ने के लिए जाना जाता है. हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में मुंबई, ठाणे और आसपास के क्षेत्रों में बड़े राजनीतिक व व्यावसायिक आयोजकों द्वारा भारी इनाम राशि और मंच प्रस्तुतियों का प्रचलन बढ़ा है.
इस ताजा विवाद ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि उत्सवों में मनोरंजन की सीमा कहां तक होनी चाहिए, ताकि परंपरा की गरिमा और महिलाओं के प्रति सम्मान बना रहे.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 06, 2026 03:59 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

