Chhath Puja 2024 Kharna Wishes: छठ पूजा ‘खरना’ की इन हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings को भेजकर दें शुभकामनाएं
छठ पूजा के दूसरे दिन को लोहंडा या खरना कहा जाता है. कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को खरना का प्रसाद बनाया जाता है. इस दिन निर्जल व्रत रखकर रात में गुड़ और चावल की खीर खाई जाती है. इस अवसर पर लोग शुभकामना संदेशों का आदान-प्रदान करते हैं. ऐसे में इस अवसर पर इन हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर छठ पूजा खरना की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Chhath Puja 2024 Kharna Wishes in Hindi: दिवाली सेलिब्रेशन (Diwali Celebration) के बाद लोग छठ पूजा (Chhath Puja) महापर्व की तैयारियों में जुट जाते हैं, जो छठ मैया (Chhath Maiya) और सूर्य देव (Surya Dev) को समर्पित एक महत्वपूर्ण पर्व है. सूर्य षष्ठी के नाम से मशहूर इस चार दिवसीय छठ पूजा की शुरुआत कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को नहाय-खाय (Nahay Khay) के साथ होती है, इस महापर्व के दूसरे दिन खरना (Kharna) होता है और तीसरे दिन संध्या अर्घ्य दिया जाता है, फिर चौथे दिन ऊषा अर्घ्य के साथ यह पर्व संपन्न होता है. अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, इस साल चार दिवसीय छठ पूजा महापर्व की शुरुआत 5 नवंबर से नहाय-खाय के साथ हो चुकी है, जबकि 8 नवंबर को ऊषा अर्घ्य के बाद व्रत का पारण किया जाएगा. छठ पूजा को सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है, जिसे महिलाएं अपने परिवार की खुशहाली और बेटों के कल्याण के लिए करती हैं.
छठ पूजा के दूसरे दिन को लोहंडा या खरना कहा जाता है. कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को खरना का प्रसाद बनाया जाता है. इस दिन निर्जल व्रत रखकर रात में गुड़ और चावल की खीर खाई जाती है. इस अवसर पर लोग शुभकामना संदेशों का आदान-प्रदान करते हैं. ऐसे में इस अवसर पर इन हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स को भेजकर छठ पूजा खरना की शुभकामनाएं दे सकते हैं.





छठ पूजा के दूसरे दिन व्रत रखकर महिलाएं पूजा के बाद खरना का प्रसाद खाकर 36 घंटे का निर्जल व्रत आरंभ करती हैं. इस दिन मिट्टी के चूल्हे में आम की लकड़ी से आग जलाकर प्रसाद बनाया जाता है. छठ पूजा व्रत के नियम काफी कठिन और सख्त होते हैं, इसलिए इसे महाव्रत भी कहा जाता है. छठ पूजा का व्रत करने से घर-परिवार में सुख-शांति, धन-समृद्धि आती है, इसके साथ ही उत्तम आरोग्य का वरदान मिलता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 05, 2024 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

