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Bakri Eid Mehndi Designs: खूबसूरत मेहंदी के बिना बकरीद का पर्व है अधूरा, अपने हाथों पर जरूर ट्राई करें ये लेटेस्ट डिजाइन्स

त्याग और कुर्बानी के रूप में मनाए जाने वाले इस पर्व पर बकरे सहित कुछ अन्य जानवरों की कुर्बानी दी जाती है. इस अवसर पर लोग नए कपड़े पहनते हैं और ईदगाह व मस्जिदों में नमाज अदा करते हैं, जबकि महिलाएं अपने हाथों में मेहंदी रचाना बिल्कुल भी नहीं भूलती हैं. ऐसे में बकरीद के जश्न के खास बनाने के लिए आप अपने हाथों में मेहंदी के ये लेटेस्ट डिजाइन्स ट्राई कर सकती हैं.

Bakri Eid Mehndi Designs: खूबसूरत मेहंदी के बिना बकरीद का पर्व है अधूरा, अपने हाथों पर जरूर ट्राई करें ये लेटेस्ट डिजाइन्स
बकरीद 2025 मेहंदी डिजाइन (Photo Credits: Instagram)

Bakri Eid Mehndi Designs: रमजान ईद (Ramzan Eid) यानी मीठी ईद के करीब 70 दिन बाद बकरीद (Bakrid) का त्योहार मनाया जाता है, जिसका इस्लाम धर्म में काफी महत्व बताया जाता है. बकरीद को ईद-उल-अजहा (Eid-al-Adha), बकरा ईद (Bakra Eid) और कुर्बानी ईद (Qurbani Eid) जैसे विभिन्न नामों से जाना जाता है. इस्लामिक चंद्र कैलेंडर के 12वें यानी आखिरी महीने धू-अल-हिज्जाह के चांद का दीदार होने के बाद दसवें दिन बकरीद मनाई जाती है. इस साल 6 जून 2025 को बकरीद मनाए जाने की संभावना है. इसे कुर्बानी का त्योहार कहा जाता है, इसलिए इस दिन बकरे की कुर्बानी दी जाती है. दुनिया भर के मुसलमानों के लिए मोहम्मद पैगंबर के त्याग और कुर्बानी का ये पर्व काफी खास माना जाता है

ईद-उल-अजहा यानी बकरीद के दिन को कुर्बानी के तौर पर मनाया जाता है. त्याग और कुर्बानी के रूप में मनाए जाने वाले इस पर्व पर बकरे सहित कुछ अन्य जानवरों की कुर्बानी दी जाती है. इस अवसर पर लोग नए कपड़े पहनते हैं और ईदगाह व मस्जिदों में नमाज अदा करते हैं, जबकि महिलाएं अपने हाथों में मेहंदी रचाना बिल्कुल भी नहीं भूलती हैं. ऐसे में बकरीद के जश्न के खास बनाने के लिए आप अपने हाथों में मेहंदी के ये लेटेस्ट डिजाइन्स ट्राई कर सकती हैं. यह भी पढ़ें: Bakri Eid Mehndi Designs: बकरीद के जश्न को मेहंदी के सुर्ख लाल रंग से बनाएं खास, हाथों पर रचाएं ये खूबसूरत डिजाइन्स

ईद के लिए टॉप 3 मेहंदी डिजाइन्स

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इस पर्व से जुड़ी प्रचलित कथा के अनुसार, एक बार अल्लाह ने पैगंबर इब्राहिम की परीक्षा लेने के लिए उन्हें उनकी सबसे प्यारी चीज को कुर्बान करने का आदेश दिया था, जिसके बाद पैगंबर इब्राहिम ने अपने बेटे हजरत इस्माइल की कुर्बानी देने का फैसला किया, जिससे वो बेहद प्यार करते थे. जब वो अपने बेटे की कुर्बानी देने जा रहे थे, तभी अल्लाह ने उनके बेटे की जगह कुर्बानी को बकरे में बदल दिया. यही वजह है कि इस दिन मुसलमान बकरे की कुर्बानी देकर इस पर्व को मनाते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 12, 2025 03:15 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).