April Fools' Day 2025 Wishes: अप्रैल फूल डे के इन शरारत भरे हिंदी WhatsApp Messages, Shayaris, Facebook Greetings को अपनों संग शेयर कर दें शुभकामनाएं
अंग्रेजों ने 19वीं सदी में अप्रैल फूल डे मनाने की शुरुआत की थी. भले ही अंग्रेजों द्वारा भारत में अप्रैल फूल डे मनाने की शुरुआत हुई हो, लेकिन जब से सोशल मीडिया पर इसे लोकप्रियता मिली है, तब से अधिकांश लोगों द्वारा इस दिवस को मनाया जाने लगा. एक अप्रैल को आप भी इन शरारत भरे हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, शायरी, फेसबुक ग्रीटिंग्स को अपनों संग शेयर करके उन्हें अप्रैल फूल डे की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
April Fools' Day 2025 Wishes in Hindi: हर साल 1 अप्रैल (1st April) को हर तरफ हंसी और ठहाकों की आवाजें सुनाई देती हैं, ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि इस दिन अप्रैल फूल डे (April Fools' Day) मनाया जाता है. यह साल का एक ऐसा दिन होता है, जब बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर कोई किसी न किसी को बुद्धू बनाने या उसकी खिंचाई करने का मौका अपने हाथ से नहीं जाने देता है. इस दिन कोई प्रैंक करके इसे यादगार बनाने की कोशिश करता है तो कोई मजेदार चुटकुलों के साथ इस दिन को सेलिब्रेट करता है. हालांकि दुनिया के अधिकांश देशों में 1 अप्रैल को मनाए जाने वाले अप्रैल फूल्स डे यानी मूर्ख दिवस की शुरुआत का श्रेय अंग्रेजों को जाता है. अप्रैल फूल डे से जुड़ी एक कहानी के अनुसार, फ्रांस में सन 1582 में पोप चार्ल्स ने पुराने कैलेंडर की जगह नए रोमन कैलेंडर की शुरुआत की थी, बावजूद इसके कुछ लोग पुरानी तारीख को ही नया साल मनाते रहे, जिसके चलते उन्हें अप्रैल फूल्स (April Fools) कहा गया.
अंग्रेजों ने 19वीं सदी में अप्रैल फूल डे मनाने की शुरुआत की थी. भले ही अंग्रेजों द्वारा भारत में अप्रैल फूल डे मनाने की शुरुआत हुई हो, लेकिन जब से सोशल मीडिया पर इसे लोकप्रियता मिली है, तब से अधिकांश लोगों द्वारा इस दिवस को मनाया जाने लगा. एक अप्रैल को आप भी इन शरारत भरे हिंदी विशेज, वॉट्सऐप मैसेजेस, शायरी, फेसबुक ग्रीटिंग्स को अपनों संग शेयर करके उन्हें अप्रैल फूल डे की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
बहरहाल, 1 अप्रैल को मनाए जाने वाले अप्रैल फूल डे से जुड़ी प्रचलित कहानी के अनुसार, इंग्लैंड के राजा रिचर्ड सेकेंड और बोहेमिया की रानी एनी ने अपनी सगाई की घोषणा करते हुए प्रजा से कहा था कि दोनों 32 मार्च 1381 को सगाई करेंगे. उनके इस ऐलान के बाद जनता खुशी से झूमने और जश्न मनाने लगी, लेकिन बाद में उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि वो बेवकूफ बन गए हैं, क्योंकि कैलेंडर में 32 तारीख तो आती ही नहीं है. ऐसा कहा जाता है कि इस घटना के बाद से 1 अप्रैल को अप्रैल फूल डे मनाने की परंपरा शुरु हुई. कहा जाता है कि पहली बार 1 अप्रैल 1381 को अप्रैल फूल डे मनाया गया था, तब से यह सिलसिला बरकरार है.