April Fools' Day 2025 Messages: हैप्पी अप्रैल फूल डे! दोस्तों-करीबियों के साथ शेयर करें ये मजेदार हिंदी Quotes, GIF Greetings और WhatsApp Wishes
भारत में अप्रैल फूल डे की शुरुआत का श्रेय अंग्रेजों को जाता है, क्योंकि उन्होंने ही 19वीं सदी में इस दिवस को मनाने की शुरुआत की थी, लेकिन सोशल मीडिया पर लोकप्रियता मिलने के बाद इस दिन को अधिकांश लोगों द्वारा मनाया जाने लगा. ऐसे में 1 अप्रैल को आप इन मजेदार हिंदी मैसेजेस, कोट्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स और वॉट्सऐप विशेज को अपने दोस्तों-करीबियों के साथ शेयर करके उन्हें हैप्पी अप्रैल फूल डे कहकर विश कर सकते हैं.
April Fools' Day 2025 Messages in Hindi: दुनिया के अधिकांश देशों में 1 अप्रैल को अप्रैल फूल डे यानी मूर्ख दिवस (April Fools' Day) मनाया जाता है. यह साल का एक ऐसा दिन होता है, जब लोग अपने दोस्तों-करीबियों और रिश्तेदारों को किसी व किसी तरह से बेवकूफ बनाते हैं, उनके साथ प्रैंक करते हैं और शरारती अंदाज में इस दिन का जश्न मनाते हैं. प्रैंक या शरारत करने के बाद बकायदा जोर-जोर से चिल्लाकर उनसे हैप्पी अप्रैल फूल डे भी कहा जाता है. पहले अप्रैल फूल डे यानी मूर्ख दिवस को फ्रांस और कुछ अन्य यूरोपीय देशों में मनाया जाता था, लेकिन फिर धीरे-धीरे यह दुनिया भर में प्रचलित हो गया. दुनिया भर के तमाम देशों के अलावा भारत में भी लोग इस दिन मस्ती-मजाक करते हैं. ज्ञात हो कि ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और अफ्रीकी देशों में अप्रैल फूल डे सिर्फ 12 बजे तक ही मनाया जाता है, जबकि कनाडा, अमेरिका, रूस और बाकी यूरोपीय देशों में 1 अप्रैल को दिन भर अप्रैल फूल डे मनाया जाता है.
भारत में अप्रैल फूल डे की शुरुआत का श्रेय अंग्रेजों को जाता है, क्योंकि उन्होंने ही 19वीं सदी में इस दिवस को मनाने की शुरुआत की थी, लेकिन सोशल मीडिया पर लोकप्रियता मिलने के बाद इस दिन को अधिकांश लोगों द्वारा मनाया जाने लगा. ऐसे में 1 अप्रैल को आप इन मजेदार हिंदी मैसेजेस, कोट्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स और वॉट्सऐप विशेज को अपने दोस्तों-करीबियों के साथ शेयर करके उन्हें हैप्पी अप्रैल फूल डे कहकर विश कर सकते हैं.
अप्रैल फूल डे से जुड़ी दो कहानियां प्रचलित हैं. एक कहानी के अनुसार, यूरोपीय देशों में पहले 1 अप्रैल को नया साल मनाया जाता था, लेकिन जब पोप ग्रेगरी 13 ने नए कैलेंडर को अपनाया तो उनके आदेश के बाद से हर साल 1 जनवरी को नया साल मनाया जाने लगा, फिर भी कुछ लोग ऐसे थे जो 1 जनवरी के बजाय 1 अप्रैल को ही नया साल मना रहे थे, इसलिए उन्हें मूर्ख समझकर उनका मजाक उड़ाया जाने लगा. कहा जाता है कि इस तरह से अप्रैल फूल डे मनाने की शुरुआत हुई.
वहीं इससे जुड़ी दूसरी कहानी के अनुसार, अप्रैल फूल डे की शुरुआत 1381 में तब हुई थी, जब उस समय इंग्लैंड के राजा रिचर्ड सेकेंड और बोहेमिया की रानी एनी ने घोषणा की कि वो दोनों 32 मार्च 1381 को सगाई करने वाले हैं. उनकी इस घोषणा से जनता खुशी से झूमने और जश्न मनाने लगी, लेकिन उन्हें जल्द ही समझ आ गया कि उन्हें मूर्ख बनाया गया है, क्योंकि 32 मार्च तो कैलेंडर में आता ही नहीं, इसलिए तब से 32 मार्च यानी 1 अप्रैल को अप्रैल फूल डे मनाया जाने लगा.