Amla Navami 2025 Wishes: आंवला नवमी के इन मनमोहक WhatsApp Status, GIF Greetings, Wallpapers, HD Images के जरिए दें शुभकामनाएं
ऐसा माना जाता है कि कार्तिक मास की प्रतिपदा से लेकर पूर्णिमा तक आंवले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है, जिससे इस माह का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है. आंवला नवमी के दिन आंवले के पेड़ के नीचे भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, साथ ही शुभकामना संदेशों का आदान-प्रदान किया जाता है. ऐसे में आप इन मनमोहक विशेज, वॉट्सऐप स्टेटस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, वॉलपेपर्स, एचडी इमेजेस के जरिए आंवला नवमी की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Amla Navami 2025 Wishes in Hindi: हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आंवला नवमी (Amla Navami) का पर्व मनाया जाता है, जिसे अक्षय नवमी (Akshay Navami) के नाम से भी जाना जाता है. यह त्योहार देवउठनी एकादशी से दो दिन पहले पड़ता है. प्रचलित मान्यताओं के अनुसार,अक्षय नवमी के दिन ही सतयुग की शुरुआत हुई थी. इस दिन किया गया पुण्य अक्षय फल देने वाला माना जाता है. अक्षय नवमी का संबंध आंवले से भी है, इसलिए कहा जाता है कि इस दिन आंवले का सेवन करना और आंवले के पेड़ के नीचे भोजन बनाकर खाने से अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है. इस पावन अवसर पर मथुरा और वृंदावन में परिक्रमा लगाई जाती है. उदया तिथि के अनुसार, इस साल 31 अक्टूबर 2025 को आंवला नवमी मनाई जा रही है.
ऐसा माना जाता है कि कार्तिक मास की प्रतिपदा से लेकर पूर्णिमा तक आंवले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है, जिससे इस माह का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है. आंवला नवमी के दिन आंवले के पेड़ के नीचे भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, साथ ही शुभकामना संदेशों का आदान-प्रदान किया जाता है. ऐसे में आप इन मनमोहक विशेज, वॉट्सऐप स्टेटस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, वॉलपेपर्स, एचडी इमेजेस के जरिए आंवला नवमी की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
ऐसी मान्यता है कि आंवला नवमी के दिन आंवले के पेड़ के नीचे भोजन बनाने के बाद भगवान विष्णु को भोग लगाने और उसे प्रसाद रूप में ग्रहण करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं. इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने के बाद आंवले के पेड़ की पूजा करनी चाहिए. पूजा के दौरान आंवले के पेड़ में सबसे पहले गाय का कच्चा दूध अर्पित करना चाहिए, फिर पुष्प, सिंदूर, अक्षत, धूप-दीप इत्यादि से पूजन करें. इसके बाद आंवले के पेड़ में कच्चा सूत बांधकर भगवान विष्णु के स्तोत्र का पाठ करें. इस दिन आंवले के वृक्ष की विधिपूर्वक पूजा करने से सभी प्रकार के कष्टों से निजात मिलती है और भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूरी होती हैं.