Akshaya Tritiya 2026 Messages: हैप्पी अक्षय तृतीया! अपनों संग शेयर करें ये हिंदी Quotes, WhatsApp Wishes, GIF Greetings और Photo SMS
अक्षय तृतीया के दिन जप, तप और दान का विशेष विधान है. जल से भरे घड़े, सत्तू, पंखे और मौसमी फलों का दान करना अत्यंत कल्याणकारी माना गया है. इस दिन किया गया दान न केवल पुण्य बढ़ाता है, बल्कि मानसिक शांति और ग्रह शांति में भी सहायक होता है. ऐसे में इस खास अवसर पर आप इन हिंगी मैसेजेस, कोट्स, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, फोटो एसएमएस के जरिए अपनों से हैप्पी अक्षय तृतीया कह सकते हैं.
Akshaya Tritiya 2026 Messages in Hindi: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को 'अक्षय तृतीया' (Akshaya Tritiya) के रूप में मनाया जाता है. इस वर्ष यह पर्व 19 अप्रैल 2026 को आ रहा है. धार्मिक मान्यताओं में इस दिन का विशेष महत्व है, क्योंकि 'अक्षय' का अर्थ होता है जिसका कभी नाश न हो. माना जाता है कि इस तिथि पर किए गए दान-पुण्य और पूजा-पाठ का फल अनंत काल तक मिलता है. इसे देश के कई हिस्सों में 'आखा तीज' के नाम से भी पुकारा जाता है.
शास्त्रों में अक्षय तृतीया को 'स्वयं सिद्ध अबूझ मुहूर्त' माना गया है. इसका अर्थ यह है कि इस दिन किसी भी मांगलिक कार्य को संपन्न करने के लिए किसी विशेष शुभ घड़ी या मुहूर्त का विचार करने की आवश्यकता नहीं होती.
पूरे दिन का हर क्षण मांगलिक कार्यों के लिए श्रेष्ठ है. यही कारण है कि इस दिन रिकॉर्ड संख्या में विवाह, गृह प्रवेश, और नए व्यापार की शुरुआत की जाती है. इसके साथ ही, भूखंड (प्लॉट), वाहन और कीमती आभूषणों की खरीदारी के लिए भी यह साल का सबसे चर्चित दिन होता है.
अक्षय तृतीया के दिन जप, तप और दान का विशेष विधान है. जल से भरे घड़े, सत्तू, पंखे और मौसमी फलों का दान करना अत्यंत कल्याणकारी माना गया है. इस दिन किया गया दान न केवल पुण्य बढ़ाता है, बल्कि मानसिक शांति और ग्रह शांति में भी सहायक होता है. ऐसे में इस खास अवसर पर आप इन हिंगी मैसेजेस, कोट्स, वॉट्सऐप विशेज, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, फोटो एसएमएस के जरिए अपनों से हैप्पी अक्षय तृतीया कह सकते हैं.
अक्षय तृतीया के दिन माता लक्ष्मी की विशेष आराधना की जाती है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन स्वर्ण (सोना) या चांदी खरीदना घर में स्थायी लक्ष्मी के वास का मार्ग प्रशस्त करता है. लोग अपने सामर्थ्य अनुसार खरीदारी करते हैं और इसे समृद्धि के प्रतीक के रूप में देखते हैं. इसी पावन तिथि पर भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम की जयंती भी मनाई जाती है, जो इस दिन के महत्व को दोगुना कर देती है.