प्लास्टिक की बोतल का पानी बढ़ा सकता है आपका ब्लड प्रेशर, स्टडी में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
माइक्रोप्लास्टिक प्लास्टिक के बेहद छोटे कण होते हैं. प्लास्टिक की बोतल में पानी पीने या प्लास्टिक के बर्तन में खाना खाने से शरीर में जा सकते हैं. शरीर में प्रवेश करने पर ये कण आंतों और फेफड़ों में कोशिका अवरोधों को भेदकर ब्लड प्रेशर और शरीर के अन्य टिश्यू तक पहुंच सकते हैं.
प्लास्टिक आज के समय में हमारी जिंदगी का एक अभिन्न हिस्सा बन गया है. यह हर जगह मौजूद है. हर चीज के पैकेजिंग से लेकर बच्चों के खिलौनों तक. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह सुविधाजनक सामग्री हमारे स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए कितना हानिकारक हो सकती है? प्लास्टिक की बोतलों से पानी पीना भी स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक हो सकता है यह आपके लिए जानना बेहद जरूरी है. माइक्रोप्लास्टिक्स पत्रिका में पब्लिश एक हालिया अध्ययन में पाया गया है कि प्लास्टिक की बोतलों से पानी पीने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है क्यों कि इससे माइक्रोप्लास्टिक हमारी बॉडी में घुस सकते हैं. Health Tips: बीमार महसूस कर रहे हैं, कैसे पता लगाएं कि यह फ्लू है, कोविड, आरएसवी या कुछ और.
माइक्रोप्लास्टिक प्लास्टिक के बेहद छोटे कण होते हैं. प्लास्टिक की बोतल में पानी पीने या प्लास्टिक के बर्तन में खाना खाने से शरीर में जा सकते हैं. शरीर में प्रवेश करने पर ये कण आंतों और फेफड़ों में कोशिका अवरोधों को भेदकर ब्लड प्रेशर और शरीर के अन्य टिश्यू तक पहुंच सकते हैं.
जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, माइक्रोप्लास्टिक प्लास्टिक के छोटे कण होते हैं जो हमारे भोजन और पानी में पाए जाते हैं क्यों कि हम इन्हें प्लास्टिक के बर्तनों में रखते हैं.
स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है प्लास्टिक
रसायनों का रिसाव: प्लास्टिक में कई तरह के रसायन होते हैं जो खाने और पेय पदार्थों में मिल सकते हैं. कई स्टडी के आधार कर यह पाया गया कि इन रसायनों के संपर्क में आने से कैंसर, हार्मोनल असंतुलन, प्रजनन क्षमता में कमी और अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं.
माइक्रोप्लास्टिक्स: प्लास्टिक टूटकर बहुत छोटे-छोटे कणों में बदल जाता है जिन्हें माइक्रोप्लास्टिक्स कहते हैं. ये कण हमारे खाने या पेय पदार्थो में मिलकर हमारे शरीर में पहुंचकर कई तरह की बीमारियां पैदा कर सकते हैं.
स्टडी में हुआ ये खुलासा
ऑस्ट्रिया के Danube Private University के मेडिसिन विभाग के शोधकर्ताओं की एक टीम द्वारा किए गए नए अध्ययन में पाया गया कि जब प्रतिभागियों ने प्लास्टिक और कांच की बोतलों से तरल पदार्थ लेना बंद कर दिया और दो सप्ताह तक केवल नल का पानी पिया, तो ब्लड प्रेशर में उल्लेखनीय कमी आई.
अध्ययन के परिणाम बताते हैं कि प्लास्टिक के उपयोग में कमी से ब्लड प्रेशर कम हो सकता है, संभवतः रक्तप्रवाह में प्लास्टिक कणों की मात्रा कम होने के कारण." वैज्ञानिकों ने इससे पहले पाया था कि मनुष्य हर हफ़्ते 5 ग्राम माइक्रोप्लास्टिक खाते हैं, या लगभग एक क्रेडिट कार्ड के वज़न के बराबर. कांच की बोतलों में पैक किए गए तरल पदार्थों में भी माइक्रोप्लास्टिक पाए गए हैं.
प्लास्टिक के उपयोग में लाएं कमी
प्लास्टिक हमारे जीवन को सुविधाजनक बनाने में मदद करता है, लेकिन इसके नुकसान बहुत अधिक हैं. इसलिए हमें प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए जागरूक रहना होगा. कोशिश करें कि प्लास्टिक का उपयोग कम से कम करें. प्लास्टिक के बर्तनों की जगह स्टील, कांच, या बांस के बर्तन का इस्तेमाल करें. प्लास्टिक के थैलों की जगह कपड़े के थैले, जूट के थैले या पेपर बैग का इस्तेमाल करें.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 06, 2024 04:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

