Mumbai Monsoon Health Tips: बारिश के मौसम में बीमारी से बचना है तो अभी अपनाएं ये आसान उपाय! डेंगू, मलेरिया और वायरल फीवर से बचाव के लिए जानें असरदार घरेलू नुस्खे
बारिश के मौसम में थोड़ी सी सतर्कता बड़ी बीमारी से बचा सकती है. घर और आसपास साफ-सफाई रखें, मच्छरों को पनपने न दें और बुखार या संक्रमण के शुरुआती लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें.
Mumbai Monsoon Health Tips: मानसून अपने साथ ठंडक और राहत तो लाता है, लेकिन यही मौसम डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, लेप्टोस्पायरोसिस, वायरल फीवर, टायफाइड और फूड पॉइजनिंग जैसी कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है. बारिश के कारण जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों का प्रजनन तेजी से होता है, वहीं दूषित पानी और भोजन से संक्रमण फैलने का जोखिम भी बढ़ जाता है. ऐसे में थोड़ी सी सावधानी और कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर इन बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है. यह भी पढ़ें: Mumbai Monsoon Diseases 2026: मुंबई में मानसून बना बीमारी का सीजन! BMC के आंकड़ों में डेंगू, मलेरिया और लेप्टोस्पायरोसिस के मामलों में बढ़ोतरी, जानें कितने केस आए
डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से कैसे करें बचाव?
डेंगू और चिकनगुनिया फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ पानी में पनपता है, जबकि मलेरिया एनोफिलीज मच्छर के काटने से होता है. इसलिए सबसे पहले मच्छरों को पनपने से रोकना जरूरी है.
घर, बालकनी और छत पर कहीं भी पानी जमा न होने दें.
कूलर, गमले, बाल्टी और पानी की टंकी की सप्ताह में एक बार सफाई करें.
सुबह और शाम मच्छरदानी या मच्छररोधी क्रीम का इस्तेमाल करें.
पूरी बाजू के कपड़े पहनें, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को.
घर के आसपास नियमित फॉगिंग और साफ-सफाई का ध्यान रखें.
बारिश में होने वाली अन्य बीमारियों से बचने के उपाय
मानसून में दूषित पानी और भोजन के कारण पेट से जुड़ी बीमारियां भी तेजी से फैलती हैं.
हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं.
बाहर का खुला, बासी या कटा हुआ खाना खाने से बचें.
ताजा और घर का बना भोजन ही खाएं.
खाने से पहले और शौचालय के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोएं.
बारिश में भीगने के बाद तुरंत सूखे कपड़े पहनें.
गंदे पानी में न चलें. जरूरत हो तो गमबूट पहनें.
घरेलू नुस्खे जो बढ़ा सकते हैं शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता
विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ घरेलू उपाय शरीर की इम्युनिटी मजबूत रखने में मदद कर सकते हैं.
तुलसी, अदरक और काली मिर्च की चाय पीने से गले और शरीर को राहत मिल सकती है.
हल्दी वाला दूध संक्रमण से लड़ने में सहायक माना जाता है.
गिलोय और आंवला का सीमित मात्रा में सेवन प्रतिरक्षा क्षमता को समर्थन दे सकता है.
नींबू, संतरा और मौसमी जैसे विटामिन-C युक्त फलों का सेवन करें.
नारियल पानी और ORS शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी नहीं होने देते.
इन गलतियों से बचें
तेज बुखार होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें.
डेंगू की आशंका होने पर Aspirin या Ibuprofen जैसी दवाओं का सेवन न करें.
खुद से एंटीबायोटिक शुरू न करें.
केवल घरेलू नुस्खों के भरोसे इलाज न करें.
कब तुरंत डॉक्टर के पास जाएं?
अगर निम्न में से कोई भी लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें—
102°F या उससे अधिक तेज बुखार
लगातार उल्टी
तेज पेट दर्द
सांस लेने में तकलीफ
शरीर पर लाल चकत्ते
मसूड़ों या नाक से खून आना
अत्यधिक कमजोरी या बेहोशी जैसा महसूस होना
क्या पपीते के पत्ते का रस डेंगू का इलाज है?
पपीते के पत्ते के रस को लेकर कई दावे किए जाते हैं, लेकिन वैज्ञानिक रूप से इसे डेंगू का प्रमाणित इलाज नहीं माना गया है. यदि किसी को डेंगू हो जाए तो डॉक्टर की सलाह, पर्याप्त पानी, आराम और समय पर जांच सबसे जरूरी होती है. बारिश के मौसम में थोड़ी सी सतर्कता बड़ी बीमारी से बचा सकती है. घर और आसपास साफ-सफाई रखें, मच्छरों को पनपने न दें और बुखार या संक्रमण के शुरुआती लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 02, 2026 03:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

