मुंबई झीलों का जलस्तर आज: 19 अगस्त तक जलाशयों में 94.15 फीसदी भरा पानी, मायानगरी में रहने वालों को बड़ी राहत
मुंबई को पेयजल आपूर्ति करने वाली सात झीलों का कुल जलस्तर 19 अगस्त तक क्षमता के 94.15 प्रतिशत पर पहुंच गया है. अगस्त महीने में कैचमेंट क्षेत्रों में हुई भारी बारिश से जलाशयों में पानी का भंडारण तेजी से बढ़ा है, जिससे मायानगरी के निवासियों को जल संकट से बड़ी राहत मिली है.
Mumbai Lake Water Level Today: मुंबई में मानसून की लगातार बारिश के कारण पेयजल की आपूर्ति करने वाली झीलों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के आंकड़े दर्शाते हैं कि 19 अगस्त तक सात प्रमुख जलाशयों का कुल जल भंडारण बढ़कर अपनी क्षमता के 94.15 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गया है.
अगस्त के मध्य में हुई लगातार बारिश के कारण झीलों के कैचमेंट एरिया (जल ग्रहण क्षेत्रों) में पानी की आवक तेज हुई है. जलस्तर में हुई इस वृद्धि से मुंबई के नागरिकों को आने वाले दिनों में संभावित जल संकट से बड़ी राहत मिली है. यह भी पढ़े: मुंबई की झीलों का जलस्तर आज: जलाशयों में 93.80 फीसदी जमा हुआ पानी का स्टॉक, BMC ने X पर साझा की जानकारी
जलाशयों में 94.15 फीसदी भरा पानी
🚰 मुंबईला पाणीपुरवठा करणाऱ्या ७ जलाशयांचा आज सकाळी ६ वाजेपर्यंतचा अहवाल #MyBMCUpdates pic.twitter.com/CI2nEMj8tk
— माझी Mumbai, आपली BMC (@mybmc) August 19, 2026
सात जलाशयों में पानी का वर्तमान स्तर
मुंबई शहर और उपनगरों को पेयजल की आपूर्ति मुख्यतः सात प्रमुख झीलों से की जाती है: भातसा, ऊपरी वैतरणा, मध्य वैतरणा, तानसा, मोदक सागर, विहार और तुलसी.
हालिया बारिश के बाद तुलसी, विहार और मोदक सागर जैसी प्रमुख झीलें पूरी क्षमता यानी 100 प्रतिशत तक भर चुकी हैं और ओवरफ्लो हो रही हैं. इसके अलावा तानसा और मध्य वैतरणा में भी जलस्तर लगभग अपनी पूर्ण क्षमता के करीब पहुंच गया है. शहर को सबसे अधिक पानी की आपूर्ति करने वाली भातसा झील में भी जल संचयन मजबूत स्थिति में दर्ज किया गया है.
पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर भंडारण
इस वर्ष मानसून के दौरान कैचमेंट क्षेत्रों में हुई मानसूनी वर्षा के कारण जल भंडारण पिछले वर्षों के मुकाबले संतोषजनक स्तर पर है. बीएमसी के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 94 प्रतिशत से अधिक का यह जलस्तर आगामी वर्ष के लिए मुंबई की दैनिक जल मांग को पूरा करने में काफी मददगार साबित होगा.
कुल क्षमता का 94.15 प्रतिशत पानी जमा हो जाने से बीएमसी प्रशासन को शहर में जलापूर्ति सुचारू रखने में आसानी होगी.
जल कटौती और आगे की संभावना
झीलों में पानी का जलस्तर कम होने पर बीएमसी को अक्सर शहर में जल कटौती लागू करनी पड़ती है. हालांकि, 94 प्रतिशत से अधिक जल भंडारण हो जाने के बाद अब नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में जलापूर्ति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है.
मौसम विभाग के अनुसार मानसूनी सीजन में अभी और बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे बचा हुआ जल स्तर भी पूर्ण क्षमता तक पहुंचने का अनुमान है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 19, 2026 09:33 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

