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Mumbai Monsoon Diseases 2026: मुंबई में मानसून बना बीमारी का सीजन! BMC के आंकड़ों में डेंगू, मलेरिया और लेप्टोस्पायरोसिस के मामलों में बढ़ोतरी, जानें कितने केस आए

मुंबई में मानसून अभी जारी है और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सप्ताहों में मच्छरजनित बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है. ऐसे में समय पर सावधानी और शुरुआती इलाज ही इन बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है.

Mumbai Monsoon Diseases 2026: मुंबई में मानसून बना बीमारी का सीजन! BMC के आंकड़ों में डेंगू, मलेरिया और लेप्टोस्पायरोसिस के मामलों में बढ़ोतरी, जानें कितने केस आए
BMC Health Report

Mumbai Monsoon Diseases 2026: मुंबई में लगातार हो रही बारिश के बीच मच्छर और जलजनित बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस साल डेंगू, मलेरिया, लेप्टोस्पायरोसिस और चिकनगुनिया जैसी मानसून संबंधी बीमारियों के मामलों में पिछले साल की तुलना में वृद्धि दर्ज की गई है. स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने और मच्छरों की रोकथाम के उपाय अपनाने की अपील की है.

BMC के आंकड़ों में क्या सामने आया?

BMC द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 14 जुलाई 2026 के बीच मुंबई में कई मानसून संबंधी बीमारियों के मामलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

बीमारी 2025 (1 जनवरी–14 जुलाई) 2026 (1 जनवरी–14 जुलाई) बढ़ोतरी
मलेरिया 3,115 3,681 18.2%
डेंगू 734 938 27.8%
लेप्टोस्पायरोसिस 136 157 15.4%
H1N1 (स्वाइन फ्लू) 42 113 लगभग 169%
चिकनगुनिया पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि - लगभग 47%

किन इलाकों में ज्यादा खतरा?

BMC के अनुसार, दक्षिण मुंबई के कुछ वार्डों में डेंगू के मामले सबसे अधिक दर्ज किए गए हैं. डी वार्ड (मालाबार हिल, वॉकेश्वर, ताड़देव, गिरगांव) सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है. इसके अलावा सी और ई वार्ड में भी डेंगू के कई मामले सामने आए हैं.

बारिश में क्यों बढ़ रहे हैं मामले?

विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बारिश, जलभराव और घरों के आसपास जमा साफ पानी एडीज और एनोफिलीज मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करते हैं. वहीं, गंदे पानी के संपर्क में आने से लेप्टोस्पायरोसिस का खतरा भी बढ़ जाता है.

BMC की लोगों से अपील

BMC ने नागरिकों से अपील की है कि वे:

  • घर और आसपास पानी जमा न होने दें.
  • कूलर, गमलों और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें.
  • पूरी बाजू के कपड़े पहनें और मच्छररोधी क्रीम का इस्तेमाल करें.
  • तेज बुखार, शरीर दर्द, प्लेटलेट्स कम होना या लगातार उल्टी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
  • जलभराव वाले क्षेत्रों में बिना जरूरत न जाएं.

मुंबई में मानसून अभी जारी है और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सप्ताहों में मच्छरजनित बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है. ऐसे में समय पर सावधानी और शुरुआती इलाज ही इन बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 02, 2026 01:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).