Maharashtra Krishi Din 2022 HD Images: महाराष्ट्र कृषी दिन पर ये ग्रीटिंग्स HD Wallpapers और GIF Images के जरिए भेजकर मनाएं वसंतराव नाईक की जयंती को
भारत एक कृषि प्रधान देश है और महाराष्ट्र कृषि के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय राज्य है. महाराष्ट्र हर साल 1 जुलाई को महाराष्ट्र कृषि दिवस 2022 मनाता है. 1 जुलाई से 7 जुलाई तक, महाराष्ट्र में लगभग एक सप्ताह तक कृषि सप्ताह मनाया जाता है. यह सप्ताह और दिन राज्य में कृषि और हरित क्रांति के जनक वसंतराव नाइक की याद में मनाया जाता है. 1 जुलाई वसंतराव नाइक का जन्मदिन है....
भारत एक कृषि प्रधान देश है और महाराष्ट्र कृषि के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय राज्य है. महाराष्ट्र हर साल 1 जुलाई को महाराष्ट्र कृषि दिवस 2022 (Maharashtra Krishi Din 2022) मनाता है. 1 जुलाई से 7 जुलाई तक, महाराष्ट्र में लगभग एक सप्ताह तक कृषि सप्ताह मनाया जाता है. यह सप्ताह और दिन राज्य में कृषि और हरित क्रांति के जनक वसंतराव नाइक (Vasantrao Naik) की याद में मनाया जाता है. 1 जुलाई वसंतराव नाइक का जन्मदिन है. वसंतराव फुलसिंग नाइक एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे, जिन्होंने 1963 से 1975 तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया. आज तक, वह महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री रहे हैं. वसंतराव नाइक ने आधुनिक भारतीय कृषि के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया है. वसंतराव नाइक के जन्मदिन को "कृषि दिवस" के रूप में मनाने का निर्णय 1989 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शरद पवार द्वारा घोषित किया गया था. तब से सभी सरकारी कार्यालयों में 1 जुलाई को कृषि दिवस मनाया जाने लगा. यह भी पढ़ें: Jagannath Rath Yatra 2022: आज शाही रथों पर सवार होंगे भगवान जगन्नाथ! जानें इन रथों के बारे में कुछ आध्यात्मिक जानकारियां!
1 जुलाई को महाराष्ट्र कृषि दिवस या सिर्फ कृषि दिवस के रूप में भी मनाया जाता है. कृषि दिवस सप्ताह के दौरान विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. कृषि सप्ताह के दौरान राज्य में कृषि क्षेत्र की समस्याओं और कृषि क्षेत्र द्वारा की गई प्रगति पर चर्चा की जाती है. इस खास दिन पर आप महाराष्ट्र कृषि दिवस के मौके पर एचडी इमेज, विश, मैसेज, व्हाट्सएप स्टेटस आदि के जरिए वसंतराव नाइक को विश कर सकते हैं.
वसंतराव नाइक के शासनकाल के दौरान राज्य में कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि से संबंधित विभिन्न संस्थानों का गठन किया गया था. 1972 में जब राज्य सूखे की चपेट में आया, तो उन्होंने कई उपायों को लागू किया. उन्होंने किसानों को संकर बीज उपलब्ध कराए, जल संरक्षण कार्य बढ़ाया और कृषि के सतत विकास का मार्ग प्रशस्त किया. बाद के दौर में यह देखा गया कि राज्य के कृषि क्षेत्र में आमूल-चूल परिवर्तन हुए. यही कारण है कि आज महाराष्ट्र कृषि के मामले में देश में अग्रणी राज्य के रूप में जाना जाता है.