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Benefits of Garlic: क्या आप जानते हैं? लहसुन है हार्ट के लिए 'अमृत', जायका बढ़ाने के साथ-साथ इन बिमारियों से उबरने के लिए करता है मदद

सफेद छिलकों वाला लहसून जितना देखने में अच्छा लगता है, उसमें प्रकृति ने भी कई गुण भी भरे हैं. यह खाने में जायका बढ़ाने के साथ-साथ आयुर्वेद में खास स्थान है. रिसर्च बताती है कि यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के साथ-साथ कैंसर को कम करने में कारगर है.

Benefits of Garlic: क्या आप जानते हैं? लहसुन है हार्ट के लिए 'अमृत', जायका बढ़ाने के साथ-साथ इन बिमारियों से उबरने के लिए करता है मदद

नई दिल्ली, 29 जून : सफेद छिलकों वाला लहसून जितना देखने में अच्छा लगता है, उसमें प्रकृति ने भी कई गुण भी भरे हैं. यह खाने में जायका बढ़ाने के साथ-साथ आयुर्वेद में खास स्थान है. रिसर्च बताती है कि यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के साथ-साथ कैंसर को कम करने में कारगर है. लहसुन का वैज्ञानिक नाम 'एलियम सैटिवम एल' है और इसकी उत्पत्ति मध्य एशिया से मानी जाती है. वहीं, इसकी पैदावार भारत, चीन, फिलीपीन्स, ब्राजील, मैक्सिको जैसे देशों में बड़े पैमाने पर हो रही है.

पुराने समय से इसका इस्तेमाल औषधीय प्रयोजन के लिए किया जा रहा है. आयुर्वेद और रसोई के नजरिए से लहसुन एक महत्वपूर्ण सब्जी है. कहते हैं लहसुन को पीसने से 'ऐलिसन' नामक यौगिक मिलता है, जो 'एंटीबायोटिक' गुणों से भरा होता है. इसके साथ ही इसमें प्रोटीन, एंजाइम और विटामिन बी, सैपोनिन, और फ्लैवोनॉइड जैसे पदार्थ पाए जाते हैं. यह भी पढ़ें : नींद केवल व्यक्तिगत आदतों से नहीं, बल्कि वातावरण से भी प्रभावित होती है: अध्ययन

आयुर्वेद में माना गया है कि लहसुन के प्रयोग से कई प्रकार के रोगों से बचा जा सकता है. वहीं, भोजन में इसका सेवन करने से दमा, बहरापन, कोढ़, बलगम, बुखार, हृदय रोग और क्षय रोगों को दूर करने में मदद मिलती है. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक रिपोर्ट के मुताबिक लहसुन का सेवन करने से ब्लड शुगर में सुधार हो सकता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है. लहसुन के सेवन से भूख भी बढ़ती है और पाचन तंत्र पूरी तरह ठीक रहता है. साथ ही यह डायबिटीज, टीयूएफएस, डिप्रेशन और कैंसर जैसी बीमारियों में भी लहसुन कारगर माना गया है.

हृदय रोग के लिए लहसुन को ‘अमृत’ की संज्ञा दी गई है. हृदय रोग का मुख्य कारण रक्त वाहिनियों और धमनियों का सिकुड़ जाना है, और इनमें कोलेस्ट्रॉल जम जाता है जिसके कारण शरीर में रक्त-प्रवाह ठीक प्रकार से नहीं हो पाता. धमनियों का सिकुड़ना और उनमें कोलेस्ट्रॉल का जमाव है, जिससे रक्त का प्रवाह बाधित होता है. यह स्थिति एथेरोस्क्लेरोसिस कहलाती है, जिसमें धमनियों की दीवारों पर प्लाक (कोलेस्ट्रॉल, वसा और अन्य पदार्थों का जमाव) जमा हो जाते हैं. ऐसे में लहसुन के प्रयोग से सिकुड़ी हुई धमनियां साफ हो जाती हैं और व्यक्ति हृदय रोग से मुक्ति पा सकता है.

लहसुन, पुदीना, जीरा, धनिया, काली मिर्च और सेंधा नमक की चटनी खाने से रक्तचाप कम होता है. वहीं, इसकी दो-तीन तुर्रियां चबा लेने से हार्ट फेल होने की नौबत नहीं आती, ऐसे में नियमित रूप से लहसुन दूध के साथ प्रयोग करना चाहिए. लहसुन के सेवन से हृदय पर पड़ने वाला गैस का दबाव कम होता है. यह कोलेस्ट्रॉल को समाप्त करता है तथा हृदय रोगी को नया जीवन देता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 29, 2025 12:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).