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Ayurvedic Treatment for Cough and Cold: बार-बार हो रहा है जुकाम? इन आयुर्वेदिक नुस्खों से मिलेगा आराम

सर्दी-जुकाम कोई नई बात नहीं है. मौसम बदला नहीं कि छींकें, नाक बहना, सिर भारी लगना और गले में खराश शुरू हो जाती है. ऐसे में शरीर की खास देखभाल और आराम की जरूरत होती है. आयुर्वेद में कई ऐसे उपाय बताए गए हैं जो बिना किसी साइड इफेक्ट के सर्दी-जुकाम को ठीक करते हैं. आयुर्वेद कहता है कि जुकाम तब होता है जब शरीर में कफ दोष बढ़ जाता है और प्रतिरोधक शक्ति कमजोर पड़ जाती है.

Ayurvedic Treatment for Cough and Cold: बार-बार हो रहा है जुकाम? इन आयुर्वेदिक नुस्खों से मिलेगा आराम
Representational Image | Pixabay

नई दिल्ली, 31 अक्टूबर : सर्दी-जुकाम (Cold and Cough) कोई नई बात नहीं है. मौसम बदला नहीं कि छींकें, नाक बहना, सिर भारी लगना और गले में खराश शुरू हो जाती है. ऐसे में शरीर की खास देखभाल और आराम की जरूरत होती है. आयुर्वेद में कई ऐसे उपाय बताए गए हैं जो बिना किसी साइड इफेक्ट के सर्दी-जुकाम को ठीक करते हैं. आयुर्वेद कहता है कि जुकाम तब होता है जब शरीर में कफ दोष बढ़ जाता है और प्रतिरोधक शक्ति कमजोर पड़ जाती है. आधुनिक विज्ञान की मानें, तो यह एक वायरल संक्रमण है, जो ज्यादातर राइनोवायरस के कारण होता है. जब यह वायरस हवा या छींक के जरिए शरीर में पहुंचते हैं, तो शरीर म्यूकस बनाकर अपनी सुरक्षा करता है, जिससे नाक बहने और छींक आने लगती है.

अब बात करें कारणों की, तो ठंडी हवा, बारिश, अचानक तापमान में बदलाव या ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम, ठंडा दूध आदि इसके सबसे बड़े कारण हैं. नींद की कमी, तनाव और प्रदूषण भी इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देते हैं, जिससे आसानी से जुकाम हो जाता है. किसी संक्रमित व्यक्ति के पास रहना या उसका इस्तेमाल किया सामान छूना भी संक्रमण फैला सकता है. जुकाम के लक्षण में नाक बंद या बहना, सिर दर्द, बदन दर्द, गले में खराश, खांसी और कभी-कभी हल्का बुखार भी महसूस होता है. यह भी पढ़ें : मिर्गी के मरीजों के लिए योग है सबसे प्रभावी उपाय, मानसिक शांति और शरीर का लचीलापन बढ़ाएं

बचाव के तरीके बहुत आसान हैं. सबसे पहले मौसम के अनुसार कपड़े पहनें और गले-सिर को ठंड से बचाएं. बार-बार हाथ धोएं, क्योंकि संक्रमण का सबसे बड़ा कारण हमारे हाथ ही होते हैं. पर्याप्त नींद लें, क्योंकि नींद ही शरीर की प्राकृतिक दवा है. ठंडी चीजों, धुएं और धूल से दूरी बनाएं. दिन में दो-तीन बार गर्म पानी पिएं और भाप लेना शुरू करें. इससे सांस की नलियां साफ रहती हैं और वायरस जल्दी मर जाते हैं.

यदि जुकाम हो जाए तो सुबह और शाम 1 चम्मच अदरक का रस और शहद मिलाकर लें, यह गले की खराश और खांसी दोनों में राहत देता है. तुलसी-गिलोय का काढ़ा पिएं, यह इम्यूनिटी को बढ़ाता है. नींबू पानी या आंवला रस रोज लें, क्योंकि यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है और शरीर को संक्रमण से बचाता है. लहसुन को सरसों तेल में गर्म करके छाती पर हल्की मालिश करें, यह बंद नाक और जकड़न को खोलता है. रात में सोने से पहले हल्दी वाला दूध पिएं, इससे शरीर में गर्मी बनी रहती है और वायरस दूर रहते हैं. इसके साथ ही अपने खान-पान का भी ध्यान रखें. जुकाम के दौरान दही, ठंडा दूध, मीठा या बासी खाना न खाएं. इसके बजाय गर्म सूप, मूंग की खिचड़ी, अदरक चाय और तुलसी पानी लेना बेहतर है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 31, 2025 04:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).