मद्रास हाई कोर्ट ने हाल ही में राज्य सूचना आयोग के एक आदेश को बरकरार रखा, जिसमें एक नियोक्ता को एक कर्मचारी की पत्नी द्वारा मांगी गई वेतन जानकारी प्रदान करने का निर्देश दिया गया था. जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने कहा कि जब पति और पत्नी के बीच वैवाहिक कार्यवाही लंबित हो, तो गुजारा भत्ता की मात्रा पति के वेतन पर निर्भर करेगी और पत्नी तभी सही दावा कर सकती है जब उसे वेतन का विवरण पता हो. अदालत ने कहा पत्नी थर्ड पार्टी नहीं है और वैवाहिक कार्यवाही के लंबित रहने के दौरान वह इस तरह की जानकारी पाने की हकदार है. अदालत ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के एक आदेश पर भी भरोसा किया, जिसमें यह माना गया था कि पत्नी यह जानने की हकदार है कि उसके पति को कितनी सैलरी मिल रही है. Read Also: खाना बनाना भी नहीं आता... देवरों ने दिया ताना तो कोर्ट पहुंच गई महिला, अदालत ने सुनाया ये फैसला.
Wife Entitled To Know Husband's Salary Details To Make A Rightful Claim Of Maintenance: Madras High Court | @UpasanaSajeev https://t.co/a9iUpqTaKm
— Live Law (@LiveLawIndia) January 18, 2024










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