Washington Post में बड़ी छंटनी, कांग्रेस नेता शशि थरूर के बेटे ईशान की भी गई नौकरी, न्यूज़रूम की फोटो शेयर कर लिखा- 'दिल टूट गया'

वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर के बेटे और प्रसिद्ध पत्रकार ईशान थरूर को 'द वाशिंगटन पोस्ट' ने नौकरी से निकाल दिया है. कंपनी के इस बड़े फेरबदल में अंतर्राष्ट्रीय डेस्क के अधिकांश कर्मचारियों की छंटनी की गई है.

Ishaan Tharoor (Photo Credits: X/@ishaantharoor)

Washington Post Layoffs: कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर (Ishaan Tharoor) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक दुखद जानकारी साझा की है. उन्होंने बताया कि उन्हें 'द वाशिंगटन पोस्ट' (The Washington Post) से नौकरी से निकाल दिया गया है. यह फैसला अखबार के अंतर्राष्ट्रीय स्टाफ और वैश्विक मामलों की कवरेज टीम में किए गए एक बड़े पुनर्गठन (Restructuring) का हिस्सा है.

न्यूजरूम के लिए दिल तोड़ने वाला दिन

ईशान थरूर पिछले 12 वर्षों से वाशिंगटन पोस्ट के साथ जुड़े हुए थे. अपने विदाई संदेश में उन्होंने अपनी टीम और सहकर्मियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की. उन्होंने लिखा: "आज मुझे और अंतर्राष्ट्रीय स्टाफ के अधिकांश साथियों के साथ वाशिंगटन पोस्ट से निकाल दिया गया है. मैं अपने न्यूजरूम और विशेष रूप से उन बेजोड़ पत्रकारों के लिए दुखी हूं जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पोस्ट की सेवा की." उन्होंने न्यूजरूम की एक उदास तस्वीर भी साझा की, जिसका कैप्शन उन्होंने “A bad day” (एक बुरा दिन) दिया.

'WorldView' कॉलम और 12 साल का सफर

ईशान थरूर ने जनवरी 2017 में लोकप्रिय 'WorldView' कॉलम की शुरुआत की थी. इस कॉलम का उद्देश्य पाठकों को जटिल अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों और उनमें अमेरिका की भूमिका को सरल भाषा में समझाना था.

मीडिया जगत में आलोचना और प्रतिक्रिया

वाशिंगटन पोस्ट के इस फैसले की पत्रकारिता जगत में कड़ी आलोचना हो रही है. कई वरिष्ठ पत्रकारों ने अंतर्राष्ट्रीय डेस्क को इस तरह खत्म करने के फैसले को "अदूरदर्शी" बताया है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अखबार की वैश्विक रिपोर्टिंग क्षमता और विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है. सोशल मीडिया पर ईशान थरूर और उनके साथियों के प्रति व्यापक सहानुभूति देखी जा रही है.

छंटनी का कारण

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वाशिंगटन पोस्ट लंबे समय से आर्थिक दबाव और गिरते विज्ञापन राजस्व से जूझ रहा है. खर्चों में कटौती करने के लिए अखबार ने अपनी विदेशी ब्यूरो और अंतर्राष्ट्रीय टीम में भारी कटौती करने का रास्ता चुना है. ईशान थरूर के अलावा कई अन्य अनुभवी संपादकों और संवाददाताओं को भी इस प्रक्रिया में अपनी नौकरी गंवानी पड़ी है.

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