IAS रणवीर चौहान को उत्तराखंड की तीरथ सरकार ने सौंपी सूचना महानिदेशक की कमान, कोरोना काल में निभा रहे बड़ी जिम्मेदारी
उत्तराखंड सरकार ने आईएएस रणवीर सिंह चौहान को अपर सचिव सूचना तथा महानिदेशक सूचना की जिम्मेदारी सौंपी है. मार्च महीने में ही इस पद से डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट को मुक्त कर आईएएस रणवीर सिंह चौहान को नियुक्त किया गया था.
उत्तराखंड (Uttarakhand) सरकार ने आईएएस रणवीर सिंह चौहान (IAS Ranveer Singh Chauhan) को अपर सचिव सूचना तथा महानिदेशक सूचना की जिम्मेदारी सौंपी है. मार्च महीने में ही इस पद से डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट को मुक्त कर आईएएस रणवीर सिंह चौहान को नियुक्त किया गया था. सूचना महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान इसके साथ ही अपर सचिव परिवहन, भाषा, सचिव हिंदी अकादमी, निदेशक भाषा संस्थान, प्रबंध निदेशक उत्तराखंड परिवहन निगम तथा उपाध्यक्ष एमडीडीए का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे हैं. PM मोदी ने सीएम तीरथ सिंह रावत से की बात, उत्तराखंड में कोविड-19 संबंधी स्थिति की ली जानकारी
उत्तराखंड शासन के वरिष्ठ सचिव और 2009 बैच के आईएएस रणवीर सिंह चौहान की सूबे में पहचान सोशल मीडिया सनसनी के तौर पर भी है. दरअसल उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर आपको गुलजार साहब से लेकर मिर्जा गालिब तक के शेर मिल जाएंगे. उन्हें बॉलीवुड गाने का भी शौक है. उन्होंने खुद कई गानों को अपनी आवाज देकर फेसबुक पर पोस्ट किया है.
सीनियर आईएएस अधिकारी अभी मिर्जा गालिब पर भी शोध कर रहे हैं और उन्होंने मिर्जा गालिब के नाम डेढ़ सौ पन्नों का पत्र भी लिखा है. वह बेहतरीन नज्में हिंदी में लिखते हैं और उतनी ही निपुर्णता से शायरी और कहानियां उर्दू में कहते हैं. बताया जाता है कि रणवीर सिंह चौहान जब तीन वर्ष के थे, तब उनके माता-पिता उन्हें लखनऊ ले गए थे.
कोरोना काल में उठाई अहम जिम्मेदारी
इस वक्त पूरा भारत कोविड-19 महामारी से निपटने में जुटा है. पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार को रोकने की कोशिश की जा रही है. कोरोना वायरस संक्रमण के लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत (Tirath Singh Rawat) ने संपूर्ण राज्य में 11 से 18 मई तक सख्त कोविड कर्फ्यू लागू करने का निर्णय लिया है. हालांकि उत्तराखंड में रिकार्ड संख्या में मरीज कोविड को मात देकर स्वास्थ्य भी हो रहें है.
वहीं, राज्यभर में 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के लोगों के लिए कोविड वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया गया है. मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के निर्देश पर प्रदेश में पत्रकारों के लिए अलग से कोरोना वैक्सीनेशन की व्यवस्था की जा रही है. हाल ही में सूचना महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान ने वर्चुअल माध्यम से सूचना विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और जन जागरूकता में मीडिया की भूमिका को अहम बताते हुए हरसंभव मदद पहुंचाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि कोरोना से जुड़ी जानकारियों को जनता तक पहुंचाने के लिए पत्रकार लगातार फील्ड पर काम कर रहे है. ऐसे में वे संक्रमण का शिकार भी हो रहे हैं. उन्होंने विभाग को संक्रमित होने वाले पत्रकारों की सहायता करने के निर्देश दिए.
18 से 44 वर्ष के लोगों का मुफ्त वैक्सीनेशन
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत (Tirath Singh Rawat) ने सोमवार को उत्तराखंड में 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के लोगों के लिए कोविड वैक्सीनेशन अभियान आरंभ किया. राजधानी देहरादून में हरिद्वार बायपास मार्ग पर राधा स्वामी सत्संग न्यास में वैक्सीनेशन की शुरूआत करते हुए मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य है जहां इस वैक्सीन को निशुल्क लगाने की घोषणा की गयी. उन्होंने कहा कि इस आयुवर्ग में प्रदेश के 50 लाख लोगों को कोविड रोधी वैक्सीन लगाया जाएगा. सीएम ने कहा कि उत्तराखंड में सबसे पहले 18 से 44 वर्ष के लोगों के मुफ्त वैक्सीनेशन की घोषणा की गई और राज्य सरकार इस पर 400 करोड़ रूपये का खर्च वहन करेगी.
15 जून तक तैयार होंगे दो कोविड अस्पताल
डीआरडीओ की मदद से उत्तराखंड में कुमांउ क्षेत्र के हल्द्वानी और गढ़वाल क्षेत्र के ऋषिकेश में 500-500 बिस्तर की क्षमता वाले दो अस्थाई कोविड अस्पताल 15 जून तक तैयार हो जाएंगे. इन अस्पतालों में से एक हल्द्वानी के मेडिकल कॉलेज परिसर में बनेगा जिसे सुशीला तिवारी अस्पताल संचालित करेगा जबकि आईडीपीएल ऋषिकेश में बनने वाला अस्पताल एम्स ऋषिकेश संचालित करेगा. हल्द्वानी में बनने वाले अस्थाई अस्पताल में 400 ऑक्सीजन बिस्तर और 100 आईसीयू बिस्तर होंगे जबकि जबकि आईडीपीएल ऋषिकेश में 500 ऑक्सीजन सपोर्टेड बिस्तर होंगे.
उत्तराखंड पुलिस का 'मिशन हौसला'
उत्तराखंड में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मद्देनजर बिस्तर, आक्सीजन, वेंटीलेटर, प्लाजमा और दवाइयों की कमी का सामना कर रही जनता की मदद के लिए प्रदेश पुलिस ने 'मिशन हौसला' शुरू किया है. प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि हर तरफ कोविड के मरीज बढ़ रहें हैं, बिस्तर, ऑक्सीजन और वेंटीलेटर की कमी है और ऐसे में इनकी कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने, जनता को दवाइयां, ऑक्सीजन, प्लाजमा, राशन आदि वस्तुएं दिलाने के लिए प्रदेश पुलिस 'मिशन हौसला' के तहत प्रयास करेगी.
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड पुलिस द्वारा 112 स्टेट इमेरजेन्सी कॉल सेन्टर, प्रत्येक जिला मुख्यालय में स्थापित कोविड कन्ट्रोल रूम तथा नोडल सेन्टर के माध्यम से कार्य करने वाले उत्तराखंड पुलिस के 160 थानों में इन कार्यों हेतु प्राप्त कॉल के आधार पर जरूतरमंदों तक मदद पहुंचाई जायेगी. कोरोना की जंग में मानव सेवा हेतु उत्तराखंड पुलिस द्वारा किये जा रहें इन प्रयासों को 'मिशन हौसला' का नाम टिहरी की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तृप्ति भट्ट ने दिया है.
वर्चुअल ओपीडी और टेलीमेडिसिन सर्विस
बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग द्वारा 'चिकित्सक आपके द्वार' सेवा की शुरूआत की गई है. राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई इस पहल से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाली जनता को घर बैठे ही विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा स्वास्थ्य संबंधी परामर्श हासिल कर सकते है. इस सेवा का मुख्य उद्देश्य कोरोना संक्रमण की वजह से होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को चिकित्सीय परामर्श देना है. प्रदेश सरकार की इस वर्चुअल सुविधा का लाभ व्हाट्सएप वीडियो कॉल एवं टोल फ्री हेल्पलाइन के जरिए लिया जा सकता है. राज्य सरकार द्वारा इसके लिए 104 टोल फ्री नंबर जारी किया गया है. इसके साथ ही 9412080622 व्हाट्सएप नंबर के जरिए भी जनता सेवा का लाभ ले सकती हैं. वर्चुअल ओपीडी रोजाना सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक जारी रहेगी.
(The above story first appeared on LatestLY on May 10, 2021 06:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

