UP में दंगाइयों की अब खैर नहीं, योगी सरकार सख्ती से करवाएगी नुकसान की भरपाई, ट्रिब्यूनल का गठन जल्द
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में उपद्रव व तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी की है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अब अराजकता स्वीकार नहीं की जाएगी.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने राज्य में उपद्रव व तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी की है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अब अराजकता स्वीकार नहीं की जाएगी. साथ ही सार्वजनिक और निजी संपत्ति को क्षति पहुंचाने वाले दंगाइयों और उपद्रवियों से नुकसान की वसूली सुनिश्चित की जाएगी. इसके लिए जल्द ही ट्रिब्यूनल का गठन किया जाएगा.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वाले लोगों को आगाह करते हुए कहा “यूपी को अराजकता स्वीकार नहीं है. सार्वजनिक अथवा निजी संपत्ति को क्षति पहुंचाने वाले दंगाइयों और उपद्रवियों से वसूली सुनिश्चित की जाएगी. नया उत्तर प्रदेश है, उपद्रवियों से सख्ती से पेश आएगा.” उन्होंने बताया कि ‘उत्तर प्रदेश लोक तथा निजी संपत्ति क्षति वसूली नियमावली 2020' के अनुसार लखनऊ और मेरठ में शीघ्र ही संपत्ति क्षति दावा अधिकरण गठित किया जाएगा. अग्रिम रणनीति बनाकर किया जा सकता है COVID-19 पर प्रभावी नियंत्रण: योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश को अराजकता स्वीकार नहीं है।
सार्वजनिक अथवा निजी संपत्ति को क्षति पहुंचाने वाले दंगाइयों और उपद्रवियों से वसूली सुनिश्चित की जाएगी।
सतर्क उत्तर प्रदेश, सुरक्षित उत्तर प्रदेश।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 19, 2020
यह ट्रिब्यूनल सिविल कोर्ट की तरह उतनी ही शक्तियों के साथ काम करेगा. बताया जा रहा है कि लखनऊ ट्रिब्यूनल में झांसी, कानपुर, चित्रकूट, लखनऊ, अयोध्या, देवी पाटन, प्रयागराज, आजमगढ़, वाराणसी, गोरखपुर, बस्ती और विन्ध्याचल मंडल की सुनवाई की जाएगी. जबकि मेरठ ट्रिब्यूनल सहारनपुर, मेरठ अलीगढ़, मुरादाबाद, बरेली, आगरा मंडल की सुनवाई होगी.
फिलहाल देश के किसी भी राज्य में दंगाइयों और उपद्रवियों से नुकसान की वसूली करने के लिए ट्रिब्यूनल नहीं बनाया है. उत्तर प्रदेश ऐसे मामलों के लिए ट्रिब्यूनल गठित करने वाला पहला राज्य है. यहां लोग अपने नुकसान की भरपाई के लिए याचिका दायर कर सकते है. इसके बाद ट्रिब्यूनल हर पक्ष को सुनने के बाद सबूतों के आधार पर निर्णय लेगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 19, 2020 09:55 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

