Viral Conspiracy Theory of PM Modi Assassination Plot: इन दिनों सोशल मीडिया, खासकर 'X' (जो पहले ट्विटर था) पर एक अजीब कहानी तहलका मचा रही है. कहानी जुड़ी है एक अमेरिकी नागरिक की मौत से, जो इस साल अगस्त में बांग्लादेश में हुई थी. कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि यह शख्स असल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या के मिशन पर था.
पूरा मामला क्या है?
जिस अमेरिकी नागरिक की बात हो रही है, उसका नाम टेरेंस आर्वेले जैक्सन (Terrence Arvelle Jackson) था. वह 31 अगस्त को ढाका के आलीशान वेस्टिन होटल के कमरा नंबर 808 में मरा हुआ पाया गया.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जैक्सन कोई मामूली आदमी नहीं था. वह अमेरिकी सेना की 1 स्पेशल फोर्सेज कमांड (एयरबोर्न) में कमांड इंस्पेक्टर जनरल जैसे बड़े पद पर था. उसकी मौत के बाद से ही ऑनलाइन साजिश की कहानियां (Conspiracy Theories) शुरू हो गईं.
🚨Russian President Putin waited for PM Modi to convey some intelligence information.
Then PM Modi was asked to ride in President Putin Car.
And US Special Forces officer Terrence Arvelle Jackson was killed in Bangadesh by Unknown gunmen.
PM Modi giving some hints after coming… https://t.co/ZH4peRcVVV pic.twitter.com/ExVuXNfImF
— Rakesh Kishore 🇮🇳 (@RakeshKishore_l) October 23, 2025
Terrence Arvelle Jackson wanted to kill Modiji 🚨 pic.twitter.com/UiIpQqOfY6
— Voice of Hindus (@Warlock_Shubh) October 22, 2025
वायरल थ्योरी में क्या दावा किया जा रहा है?
सोशल मीडिया पर जो पोस्ट वायरल हो रहे हैं, उनके मुताबिक, जैक्सन को भारतीय खुफिया एजेंसियों ने रूस से मिली जानकारी के आधार पर "खत्म" कर दिया.
इस थ्योरी को इस बात से जोड़ा जा रहा है कि पीएम मोदी भी 31 अगस्त और 1 सितंबर को चीन के तियानजिन शहर में थे. वह वहां शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में शामिल होने गए थे.
Plan to Ki!! Narendra Modi Was Foiled by Raw and Russia's intel agency. Who is Terrence Arvelle Jackson? #NarendraModi #namo #rahulgandhi pic.twitter.com/YIASg2d5aM
— Akash Dhanurkar (@Akashdhanurkar1) October 20, 2025
बैठक के बाद, पीएम मोदी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी कार में बैठकर एक दूसरी मीटिंग के लिए गए. वायरल थ्योरी का दावा है कि इसी छोटी सी कार यात्रा के दौरान, पुतिन ने पीएम मोदी को भारत में अशांति फैलाने की एक विदेशी साजिश के बारे में चेताया. साथ ही, पुतिन ने मोदी को टेरेंस जैक्सन की मौत की जांच करने की सलाह दी.
कौन था टेरेंस जैक्सन?
रिपोर्ट्स बताती हैं कि जैक्सन 20 साल से ज्यादा अमेरिकी सेना में था. उसकी लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, वह एक स्पेशल फोर्सेज ऑफिसर था. वह इस साल अप्रैल में "बिजनेस ट्रिप" पर बांग्लादेश आया था और कहा जा रहा है कि वह अपनी "सरकार से जुड़े काम" के सिलसिले में घूम रहा था.
🚨Dare to Touch our Respected PM Narendra Modi ji
The US Special Forces officer Terrence Arvelle Jackson was tasked with the job of assassinating PM!
Narendra Modi during the SCO summit. A friendly foreign intel agency tipped off the MSS and R&AW about this Person of Interest and… pic.twitter.com/aJgxRnzeyV
— IDA - Indian Defence Alerts (@inddefencealert) October 23, 2025
क्या सच में हत्या का मिशन था?
इस बिना सबूत वाली थ्योरी का दावा है कि जैक्सन को अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने पीएम मोदी को मारने और भारत में अराजकता फैलाने के लिए भेजा था.
थ्योरी के मुताबिक, पुतिन से बात करने के बाद पीएम मोदी ने भारतीय एजेंसी R&AW को इस मामले की जांच करने को कहा. R&AW ने कथित तौर पर पीएम मोदी को बताया कि जैक्सन बांग्लादेश में एक गुप्त मिशन पर था और "उसका मुख्य निशाना आपको (पीएम मोदी को) खत्म करना था."
अमेरिकी सेना ने क्या कहा?
ये दावे कितने भी सनसनीखेज हों, अमेरिकी सेना ने इन्हें सिरे से खारिज कर दिया है.
1 सितंबर को, 1 स्पेशल फोर्सेज कमांड के एक प्रवक्ता ने इन खबरों का खंडन किया. उन्होंने कहा कि "जिस व्यक्ति की बात हो रही है" वह जिंदा है और अमेरिका में है.
इसके बाद 4 सितंबर को, अमेरिकी सेना की एक और अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल ऐली स्कॉट ने दोबारा कहा कि यह कहानी "झूठी" है. उन्होंने साफ किया, "हमारे सभी सेवारत कर्मी अपनी जगह पर मौजूद हैं. ढाका में हमारा कोई ऑपरेशन नहीं चल रहा है."
तो सच्चाई क्या है?
फिलहाल, ये सभी दावे सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित हैं. भारत सरकार की तरफ से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. अमेरिकी सेना इसे साफ तौर पर झूठ बता रही है.
इसलिए, पाठकों को सलाह दी जाती है कि ऐसी वायरल खबरों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और किसी भी जानकारी को शेयर करने से पहले उसकी जांच जरूर कर लें.












QuickLY