UP: बाढ़ प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराएं राहत राशि- मुख्यमंत्री योगी
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश के विभिन्न जनपदों में बाढ़ एवं जलभराव को ध्यान में रखते हुए आम जन, कृषि फसलों एवं पशुधन की सुरक्षा व सुविधा के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
लखनऊ, 15 जुलाई : यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश के विभिन्न जनपदों में बाढ़ एवं जलभराव को ध्यान में रखते हुए आम जन, कृषि फसलों एवं पशुधन की सुरक्षा व सुविधा के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. इस दौरान उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर राहत राशि उपलब्ध कराएं और इसका वितरण जनप्रतिनिधियों के माध्यम से होगा.
मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि बाढ़ से अब तक कुल 20 जनपदों की 69 तहसीलों के 1571 गांव तथा बरेली, पीलीभीत व शाहजहांपुर के शहरी क्षेत्र प्रभावित हुए हैं. इसके कारण अब तक कुल 14.80 लाख नागरिक प्रभावित हुए हैं. इनमें से 5.29 लाख व्यक्ति ऐसे हैं, जिनकी सम्पत्तियों (कृषि, मकान, गृहस्थी का सामान एवं पशु) को क्षति पहुंची है. जल भराव के कारण प्राथमिक रूप से 3.19 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है. सेटेलाइट से प्राप्त जलभराव डाटा के आधार पर स्थलीय टीमें बनाकर कृषि क्षति का सर्वेक्षण/पुष्टि करायी जा रही है, साथ में ड्रोन सर्वे की व्यवस्था भी की जा रही है. यह भी पढ़ें : जम्मू-कश्मीर में सात माह में छह आतंकी हमले, देश जवाब चाहता है: कांग्रेस
उन्होंने कहा कि इस वर्ष एक जून से अब तक प्रदेश में सामान्य वर्षा 220 मिमी के सापेक्ष 242.50 मिमी हुई है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 22 जुलाई तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में तेज वर्षा होने की संभावना है. मौसम की बदलती परिस्थितियों पर सतत नजर रखी जाए. राहत आयुक्त कार्यालय सहित सभी जिला प्रशासन 24 घंटे अलर्ट मोड में रहें.
योगी ने कहा कि कुछ दिनों में बाढ़, आकाशीय बिजली अथवा डूबने के कारण कई स्थानों पर जन-धन की हानि की दुखद सूचना मिली है. यह समय सहायता और संवेदना का है. पीड़ित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए. बाढ़ पीड़ितों के साथ सभी अधिकारियों एवं कार्मिकों का शिष्टाचारपूर्ण व्यवहार होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि बाढ़ में यदि किसी की फसल का नुकसान हुआ हो, नदी में जमीन का कटान हुआ हो और गृहस्थी का सामान बह गया हो, ऐसे सभी प्रकरणों में सहायता धनराशि 24 घंटों में उपलब्ध करा दी जाए. कृषि फसलों का सर्वे करवा लें. सहायता राशि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से ही वितरित कराई जाए.
योगी ने कहा कि बाढ़/अतिवृष्टि की स्थिति पर सतत नजर रखी जाए. सभी नदियों के जलस्तर और तटबंधों की 24×7 मॉनीटरिंग की जाए. प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ/पीएसी की फ्लड यूनिट तथा आपदा प्रबंधन टीमों को 24×7 एक्टिव मोड में रहें. आपदा प्रबंधन मित्र, सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों की आवश्यकतानुसार सहायता ली जानी चाहिए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलाधिकारी, बीएसए, एबीएसए के साथ मिलकर स्थानीय शिक्षक प्रतिनिधियों से संवाद करें, उनकी समस्याओं, जिज्ञासाओं का यथोचित समाधान करें, शिक्षक प्रतिनिधियों से प्रतिवेदन प्राप्त कर मुख्यालय को प्रेषित करें. पठन- पाठन सुचारू रूप से चलता रहे, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 16, 2024 09:35 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

