Union Budget 2026: भारत का वार्षिक वित्तीय लेखा-जोखा यानी केंद्रीय बजट 2026 पेश होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2026 को संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगी. यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक होने वाला है, क्योंकि भारतीय संसदीय इतिहास में पहली बार बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा.
बजट सत्र का पूरा शेड्यूल
संसद का बजट सत्र 28 जनवरी 2026 से शुरू होगा और 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा. यह सत्र दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है: यह भी पढ़े: Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रचेंगी इतिहास! सांसद का लगातार 9वां बजट पेश कर तोड़ेंगी कई बड़े रिकॉर्ड
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पहला चरण: 28 जनवरी से 13 फरवरी तक.
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दूसरा चरण: 9 मार्च से 2 अप्रैल तक.
सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अभिभाषण से होगी. इसके बाद 30 जनवरी को देश का आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) पेश किया जाएगा, जो देश की अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति का खाका पेश करेगा.
वित्त मंत्री का ऐतिहासिक नौवां बजट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार अपना लगातार नौवां बजट पेश कर एक नया कीर्तिमान स्थापित करेंगी. 1 फरवरी को सुबह 11 बजे लोकसभा में बजट भाषण शुरू होगा. रविवार होने के बावजूद शेयर बाजार (BSE और NSE) इस दिन कारोबार के लिए खुले रहेंगे, ताकि बजट घोषणाओं पर बाजार की तत्काल प्रतिक्रिया देखी जा सके.
बजट से प्रमुख उम्मीदें
इस बार के बजट से आम आदमी और उद्योग जगत को कई बड़ी उम्मीदें हैं:
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आयकर में राहत: मध्यम वर्ग और वेतनभोगी कर्मचारी स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा बढ़ने और टैक्स स्लैब में बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं.
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एमएसएमई और स्टार्टअप: स्टार्टअप्स के लिए टैक्स छूट की समयसीमा बढ़ाने और एंजेल टैक्स जैसे मुद्दों पर राहत की मांग की गई है.
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बुनियादी ढांचा और शिक्षा: बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास और शिक्षा क्षेत्र में बजट आवंटन बढ़ने की संभावना है.
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वैश्विक चुनौतियां: अमेरिकी व्यापार नीतियों और वैश्विक तनाव के बीच भारतीय निर्यात को मजबूती देने के लिए विशेष प्रावधानों की उम्मीद है.
संसदीय प्रक्रिया और चर्चा
बजट सत्र के पहले चरण में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर 'धन्यवाद प्रस्ताव' और बजट पर सामान्य चर्चा होगी. इसके बाद एक अंतराल (Recess) होगा, जिसमें संसदीय समितियां विभिन्न मंत्रालयों के बजट प्रस्तावों की बारीकी से जांच करेंगी. दूसरे चरण में अनुदान मांगों पर चर्चा होगी और वित्त विधेयक (Finance Bill) को पारित किया जाएगा.












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