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राजस्थान के इस गांव में कोरोना नियमों का उल्लंघन करने वालों दी जाती है ऐसी सजा, सुन कर आप भी हैरान हो जाएंगे

धौलपुर के कैथरी के ग्रामीणों का कहना है कि यह सजा उस समुदाय को संदेश देती है कि एक व्यक्ति की लापरवाही दूसरों को जोखिम में डालने की अनुमति नहीं दे सकती है, जब पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में कोरोना के कारण मरीजों को अस्पताल नहीं मिल रहे है. उन्हें काफी मस्सकत करनी पड़ रही है. सरपंच अजय पाल शर्मा ने कहा ने कहा कि सरल सलाह काम नहीं करती है.

राजस्थान के इस गांव में कोरोना नियमों का उल्लंघन करने वालों दी जाती है ऐसी सजा, सुन कर आप भी हैरान हो जाएंगे
कोरोना का कहर (Photo Credits: PTI)

जयपुर: राजस्थान (Rajasthan) में कोरोना (Coronavirus) का संक्रमण तेजी से फैल रहा है. ऐसे में राजस्थान के धौलपुर (Dholpur) में कोरोना को लेकर कुछ नियम बनाए गए है. नियमों के अंतर्गत अगर किसी ने मास्क नही पहना तो उसे सजा दी जाती है. इसके लिए कुछ गांव वालों ने कुछ गार्ड खड़े किए है. गांव वाली की ये पहल कुछ अलग अंदाज का है. कोरोना के नियमों का पालन करना अनिवार्य है. कोरोना की दूसरी लहर और भी ज्यादा खतरनाक है.  राजस्थान में COVID-19 के 16,815 नए मामले सामने आए, 155 की मौत

धौलपुर के कैथरी के ग्रामीणों का कहना है कि यह सजा उस समुदाय को संदेश देती है कि एक व्यक्ति की लापरवाही दूसरों को जोखिम में डालने की अनुमति नहीं दे सकती है, जब पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में कोरोना के कारण मरीजों को अस्पताल नहीं मिल रहे है. उन्हें काफी मस्सकत करनी पड़ रही है. सरपंच अजय पाल शर्मा ने कहा ने कहा कि सरल सलाह काम नहीं करती है. हमारे पास गांव के कुछ लोग ने कोरोना को सिर्फ बड़े शहरों की बीमारी बता कर स्थिति को कम कर दिया था. इसलिए, हमने चेक पोस्टों पर सामुदायिक सेवाओं की शुरुआत की कि कोई भी बीमारी और परिचर से पीड़ित नहीं है.

राजस्थान में रविवार को 17,921 कोरोनो के नये मामले दर्ज किए गए और 159 लोगों की जान गई. अब तक मरने वालों की संख्या 5,665 हो गई. 24 मई तक राज्य में एक सख्त लॉकडाउन लागू हो गई है, जिसमें केवल चिकित्सा आपातकाल के मामले को छोड़कर एक जिले / गांव से दूसरे जिले में आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंधित है. चिकित्सा सेवाओं में लगे लोगों को छोड़कर सभी वाहनों का आवागमन भी प्रतिबंधित है.

कैथरी सरपंच के अनुसार, पिछले एक हफ्ते में 28 ग्रामीणों को चेक पोस्ट बनाया गया है. चेक-पोस्टों पर खड़े गार्ड को लोगों को कोरोना के बारे में बताने और उन्हें बीमारी से लड़ने में सामाजिक भेद और स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने का निर्देश दिया जाता है. शर्मा ने कहा कि हमने एक बैठक की, जिसमें कुछ करने की ज़रूरत थी, इसलिए हमने बाहरी लोगों के लिए बैरिकेड्स लगाने का फैसला किया.

(The above story first appeared on LatestLY on May 11, 2021 09:24 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).