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Karnataka Dharmasthala Case: 'जबरन लाशों को जलाने-दफनाने के लिए मजबूर करते थे, कुछ शवों पर यौन उत्पीड़न के निशान थे': अफवाह फैलाने के आरोप में शिकायतकर्ता गिरफ्तार

कर्नाटक के धर्मस्थल में कथित हत्याओं और शवों को गुप्त रूप से दफनाने के दावों ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया था. अब इस मामले में एक बड़ा मोड़ आ गया है.

Karnataka Dharmasthala Case: 'जबरन लाशों को जलाने-दफनाने के लिए मजबूर करते थे, कुछ शवों पर यौन उत्पीड़न के निशान थे': अफवाह फैलाने के आरोप में शिकायतकर्ता गिरफ्तार
Photo- ANI

Karnataka Dharmasthala Case: कर्नाटक के धर्मस्थल में कथित हत्याओं और शवों को गुप्त रूप से दफनाने के दावों ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया था. अब इस मामले में एक बड़ा मोड़ आ गया है. विशेष जांच दल (SIT) ने शिकायतकर्ता और गवाह बने पूर्व सफाईकर्मी सी एन चिन्नैया को गिरफ्तार कर लिया है. अदालत ने उसे 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. सूत्रों के अनुसार, एसआईटी प्रमुख प्रणब मोहंती ने शुक्रवार को घंटों पूछताछ के बाद यह कदम उठाया. अधिकारियों का कहना है कि शिकायतकर्ता के बयानों और उसके द्वारा दिए गए दस्तावेजों में कई विरोधाभास पाए गए. इसीलिए गिरफ्तारी जरूरी मानी गई.

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कर्नाटक सरकार की प्रतिक्रिया?

गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने उडुपी में संवाददाताओं से कहा, "एसआईटी ने शिकायतकर्ता को गिरफ्तार कर लिया है और वह पुलिस हिरासत में है. जांच जारी है, इसलिए अभी और जानकारी साझा नहीं की जा सकती. पूरी सच्चाई तभी सामने आएगी जब एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपेगी." उन्होंने यह भी कहा कि जांच दल स्वतंत्र रूप से काम कर रहा है और सरकार उनके काम में कोई दखल नहीं दे रही है.

क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि 1995 से 2014 तक वह मंदिर में सफाईकर्मी के रूप में काम करता था. इस दौरान उसे कई शवों को गुप्त रूप से दफनाने के लिए मजबूर किया गया था. उसने यह भी दावा किया कि कुछ शवों पर यौन उत्पीड़न के निशान थे. चिन्नैया ने मजिस्ट्रेट के सामने भी बयान दिया था. इसी शिकायत के आधार पर जुलाई में धर्मस्थल पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था.

19 जुलाई को कर्नाटक सरकार ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया. चिन्नैया के बयान के आधार पर, एसआईटी ने इसी महीने नेत्रवती नदी के किनारे एक जंगल में 13 जगहों पर खुदाई की. इस दौरान एक कंकाल और 15 मानव हड्डियां मिलीं.

SIT जांच में क्या पता चला?

हालांकि, फोरेंसिक टीम का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट के बिना कुछ भी निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता. दिलचस्प बात यह है कि शुरुआती खुदाई के दौरान अधिकारियों को एक पैन कार्ड और एक डेबिट कार्ड भी मिला. बाद में पता चला कि यह कार्ड सुरेश नाम के एक व्यक्ति का था, जिसकी इसी साल पीलिया से मृत्यु हो गई थी और उसका अंतिम संस्कार पहले ही हो चुका था.

इससे जांच और जटिल हो गई है क्योंकि यह स्पष्ट नहीं है कि ये हड्डियां किसकी हैं और क्या इनका किसी अपराध से कोई संबंध है या नहीं. एसआईटी का कहना है कि 13 जगहों पर अभी खुदाई बाकी है और शुरुआती नतीजे जल्दबाजी में नहीं दिए जा सकते हैं.

बीजेपी ने मामले को बताया साजिश

राजनीतिक गलियारों में भी यह मुद्दा गरमा गया है. भाजपा ने इसे साजिश बताया है, जबकि सरकार का कहना है कि सच्चाई सामने लाने के लिए जांच पूरी होनी जरूरी है. फिलहाल, सबकी निगाहें एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि दरगाह का यह मामला सच है या सिर्फ एक झूठी कहानी.

धर्मस्थल मंदिर की विशेषता?

धर्मस्थल मंदिर, कर्नाटक में मंगलुरु के पास नेत्रवती नदी के तट पर स्थित श्री मंजूनाथ स्वरूप भगवान शिव का एक प्राचीन एवं प्रसिद्ध मंदिर है. इसकी विशेषता यह है कि यहां पूजा-अर्चना तो हिन्दू पुजारी करते हैं, किन्तु मंदिर का प्रबंधन जैन धर्म के लोग संभालते हैं. यह अद्भुत समन्वय हिन्दू और जैन धर्मों के मिलन का प्रतीक माना जाता है. यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मंदिर में आने वालों को निःशुल्क भोजन (अन्नदान) कराया जाता है.

इसके साथ ही, धर्मस्थल ट्रस्ट शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देता है, जिसके कारण यह मंदिर सेवा और भक्ति का एक अनूठा केंद्र बन गया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 23, 2025 03:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).