Land for Job Scam: CBI की चार्जशीट पर JDU ने केंद्र को घेरा, कहा- तेजस्वी यादव को राजनीतिक शिकार बनाया जा रहा
जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘इस मामले में सीबीआई का दूसरा आरोपपत्र तेजस्वी यादव के खिलाफ बिना किसी सबूत के दायर किया गया. सीबीआई ने पहले कहा था कि इसमें उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है.
पटना: जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह (Rajeev Ranjan Singh) उर्फ ललन सिंह ने नौकरी के बदले भूखंड घोटाला मामले में बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ सीबीआई द्वारा आरोप पत्र दायर किए जाने के बाद आरोप लगाया कि बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार आरजेडी नेता को ‘राजनीतिक शिकार’ बना रही है. Land For Jobs Scam: नौकरी के बदले जमीन मामले में लालू यादव, पत्नी राबड़ी और तेजस्वी की बढ़ी मुश्किलें.
जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘इस मामले में सीबीआई का दूसरा आरोपपत्र तेजस्वी यादव के खिलाफ बिना किसी सबूत के दायर किया गया. सीबीआई ने पहले कहा था कि इसमें उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है.... लेकिन जब अगस्त 2022 में आरजेडी और जेडीयू तथा अन्य दलों के साथ मिलकर बिहार में महागठबंधन सरकार बनाई गई ....तो केंद्र सरकार ने अपने ‘तोते’ (सीबीआई) और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियों का उपमुख्यमंत्री के खिलाफ का इस्तेमाल शुरू कर दिया.’’
देखें Video:
#WATCH | Bihar: The action being taken on Tejashwi Yadav is with the motive of revenge. It has been done to create pressure on him. CBI has said twice that there is no evidence of this case: JDU National President Rajeev Ranjan (Lalan) Singh (04.07) pic.twitter.com/4sb5J1r2C7
— ANI (@ANI) July 4, 2023
सीबीआई ने सोमवार को नई दिल्ली की एक सक्षम अदालत में नौकरी के बदले भूखंड घोटाला मामले में तेजस्वी यादव, उनके पिता एवं पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद और मां एवं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है. यह, इस मामले में दूसरा आरोप पत्र है. इसमें 14 अन्य लोगों के भी नाम हैं.
सीबीआई अधिकारियों ने कहा कि दूसरा आरोपपत्र इसलिए दायर किया गया क्योंकि प्रारंभिक रिपोर्ट दाखिल होने तक आरोपियों की कथित भूमिका की जांच पूरी नहीं हो सकी थी. सिंह ने आरोप लगाया, ‘‘यह एक सर्वविदित तथ्य है कि सीबीआई केवल उन लोगों के पीछे जाती है जो बीजेपी के विरोधी हैं.
हम सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जून को पटना में विपक्ष की बैठक के बाद एक सार्वजनिक सभा के दौरान कहा था कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता 70,000 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के मामलों में शामिल हैं. ....और इस बयान के ठीक पांच दिन बाद जब राकांपा नेता बीजेपी के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार का हिस्सा बन गए....तो मोदी जी के लिए सब कुछ ठीक हो गया. वह आसानी से भ्रष्ट राकांपा नेताओं को भूल गए.’’
उन्होंने कहा ‘‘ऐसा इसलिए.... क्योंकि बीजेपी की वॉशिंग मशीन ने महाराष्ट्र में अपना काम फिर से शुरू कर दिया है. केंद्र द्वारा विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है.’’ सिंह ने कहा, ‘‘इस तरह की राजनीतिक साजिश से देश में विपक्षी एकता ही मजबूत होगी. तेजस्वी सीबीआई या बीजेपी नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के इस कृत्य से डरने वाले नहीं हैं. मतदाता मोदी सरकार के इन सभी अलोकतांत्रिक कृत्यों को समझते हैं.... लोग 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी को करारा जवाब देंगे.’’
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 04, 2023 01:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

