Thane Sex Racket Busted: ठाणे पुलिस की बड़ी कार्रवाई, देह व्यापार गिरोह का पर्दाफाश; 7 महिला समेत 9 लोग गिरफ्तार

ठाणे जिला के कल्याण रेलवे स्टेशन परिसर में संगठित रूप से सेक्स रैकेट चलाने वाले गिरोह के 9 सदस्यों के खिलाफ पुलिस ने मकोका (MCOCA) कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की है. आरोपियों में 7 महिलाएं शामिल हैं और पुलिस ने जाल बिछाकर 20 पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित मुक्त कराया है.

Thane Sex Racket Busted

Thane Sex Racket Busted:  महाराष्ट्र के ठाणे जिला अंतर्गत कल्याण रेलवे स्टेशन परिसर में चल रहे एक बड़े संगठित सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. कल्याण की महात्मा फुले चौक पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त 'महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम' यानी मकोका (MCOCA) लागू कर दिया है. इस मामले में कुल 9 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिनमें 7 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं.

पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, यह गिरोह रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्त इलाके के आसपास सक्रिय था और मजबूर व जरूरतमंद महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था. पुलिस ने एक के बाद एक की गई छापेमारी के दौरान इस रैकेट के चंगुल से करीब 20 पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला है.  यह भी पढ़े: Sex Racket Busted in Pune: पुणे पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मसाज सेंटर की आड़ में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 5 महिलाएं रेस्क्यू

डेढ़ महीने की निगरानी के बाद पुलिस का एक्शन

कल्याण के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) अशोक होनमाने ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कल्याण पश्चिम रेलवे स्टेशन परिसर में रात के समय संदिग्ध गतिविधियों और अनैतिक व्यापार की शिकायतें मिल रही थीं. इसके बाद पुलिस की विशेष टीमों ने करीब डेढ़ महीने तक इस इलाके में खुफिया निगरानी रखी.

जांच में सामने आया कि यह गिरोह एक संगठित सिंडिकेट (Organised Crime Syndicate) की तरह काम कर रहा था. ये लोग गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को पैसों का लालच देकर या अन्य दबाव बनाकर देह व्यापार के दलदल में धकेल देते थे और उनसे होने वाली अवैध कमाई को आपस में बांटते थे.

मकोका लगाने की मुख्य वजह

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आरोपी आदतन अपराधी हैं और इस गैरकानूनी धंधे से मोटी रकम कमा रहे थे. जांच के दौरान पुख्ता सबूत मिलने के बाद, ठाणे के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (पूर्वी क्षेत्र) से अनुमति लेकर मामले में मकोका की धाराएं जोड़ी गईं.

मकोका कानून का असर: मकोका एक बेहद सख्त कानून है जो आमतौर पर अंडरवर्ल्ड, जबरन वसूली और बड़े संगठित अपराधों में शामिल अपराधियों पर लगाया जाता है. इस कानून के लागू होने से आरोपियों को आसानी से जमानत (Bail) नहीं मिल पाती और पुलिस को गहन कस्टोडियल पूछताछ के लिए अधिक समय मिल जाता है.

यह मामला इस साल 21 फरवरी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम (ITPA) के तहत दर्ज किया गया था. आरोपी पहले से ही कल्याण जिला जेल में बंद थे, जिन्हें अदालत की अनुमति के बाद 30 जून को मकोका के तहत दोबारा गिरफ्तार किया गया.

20 महिलाओं का रेस्क्यू

पुलिस छापेमारी के दौरान बचाई गई सभी 20 महिलाओं को पुनर्वास केंद्रों (Rehabilitation Centers) में भेज दिया गया है. वहां उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता, परामर्श (Counseling) और कानूनी मदद दी जा रही है.

इस गिरोह के मुख्य संचालक पुलिस की गिरफ्त में हैं, लेकिन गिरोह में शामिल तीन अन्य पुरुष सहयोगी छापेमारी के दौरान भागने में सफल रहे. महात्मा फुले चौक पुलिस की टीमें ठाणे, मुंबई और आसपास के इलाकों में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं ताकि फरार आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके.

.

Share Now