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प्रधानमंत्री मोदी को थाई पीएम ने गिफ्ट किया 80 खंडों में प्रकाशित बौद्ध धर्मग्रंथ का विशेष संस्करण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुरुवार को बैंकॉक में द्विपक्षीय चर्चा के बाद थाई प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा ने एक बेहद खास गिफ्ट दिया. उन्होंने पीएम मोदी को पवित्र ग्रंथ 'द वर्ल्ड तिपिटका : सज्जया फोनेटिक एडिशन' भेंट किया.

प्रधानमंत्री मोदी को थाई पीएम ने गिफ्ट किया 80 खंडों में प्रकाशित बौद्ध धर्मग्रंथ का विशेष संस्करण
(Photo Credits ANI)

बैंकॉक, 3 अप्रैल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुरुवार को बैंकॉक में द्विपक्षीय चर्चा के बाद थाई प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा ने एक बेहद खास गिफ्ट दिया. उन्होंने पीएम मोदी को पवित्र ग्रंथ 'द वर्ल्ड तिपिटका : सज्जया फोनेटिक एडिशन' भेंट किया. तिपिटका (पाली में) या त्रिपिटक (संस्कृत में) भगवान बुद्ध की शिक्षाओं का एक प्रतिष्ठित संकलन है, जिसमें 108 खंड हैं और इसे प्रमुख बौद्ध धर्मग्रंथ माना जाता है.

प्रधानमंत्री मोदी को भेंट किया गया संस्करण पाली और थाई लिपियों में लिखा गया है, जो नौ मिलियन से अधिक अक्षरों का सटीक उच्चारण सुनिश्चित करता है. यह विशेष संस्करण 2016 में थाई सरकार ने 'विश्व तिपिटका परियोजना' के हिस्से के रूप में राजा भूमिबोल अदुल्यादेज (राम IX) और रानी सिरीकित के 70 साल के शासनकाल की स्मृति में प्रकाशित किया था. यह भी पढ़ें :भाजपा ने देश को बांटने के लिए वक्फ (संशोधन) विधेयक पेश किया है : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी

पीएम मोदी ने कहा, "प्रधानमंत्री शिनावात्रा ने मुझे त्रिपिटक भेंट किया और मैंने भगवान बुद्ध की भूमि भारत की ओर से हाथ जोड़कर इसे स्वीकार किया. पिछले वर्ष भारत ने भगवान बुद्ध और उनके दो प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेष थाईलैंड भेजे थे. यह जानकर बहुत खुशी हुई कि करीब चार मिलियन लोगों ने इन अवशेषों को नमन किया."

विश्लेषकों का मानना ​​है कि प्रधानमंत्री मोदी को त्रिपिटक भेंट करना भारत के आध्यात्मिक नेतृत्व और बौद्ध देशों के साथ उसके स्थायी संबंधों का प्रमाण है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बैंकॉक पहुंचने पर रामायण के थाई संस्करण 'रामकियेन' को देखा. 'रामकियेन' भारत और थाईलैंड के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है.

पीएम मोदी ने ट्वीट किया, 'एक अद्वितीय सांस्कृतिक जुड़ाव! थाई रामायण, रामकियेन का एक आकर्षक प्रदर्शन देखा. यह वास्तव में समृद्ध अनुभव था जिसने भारत और थाईलैंड के बीच साझा सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को खूबसूरती से प्रदर्शित किया.' उन्होंने लिखा, "रामायण एशिया के इतने सारे हिस्सों में दिलों और परंपराओं को जोड़ता है." दक्षिण-पूर्व एशियाई देश में पहुंचने पर भारतीय समुदाय ने उनका स्वागत 'मोदी मोदी' और 'वंदे मातरम' के जोशीले नारों से किया. थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री सूर्या जुंगरुंगरेंगकिट ने कई शीर्ष अधिकारियों के साथ हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 03, 2025 05:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).