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तेलंगाना पुलिस ने बंगाल में अंतरराज्यीय क्रिप्टो ट्रेडिंग रैकेट का किया भंडाफोड़

तेलंगाना में रचाकोंडा पुलिस ने शनिवार को ऑनलाइन क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक अंतर-राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया है. रचाकोंडा पुलिस आयुक्तालय की साइबर अपराध शाखा के अधिकारियों ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो सभी पश्चिम बंगाल के निवासी हैं.

तेलंगाना पुलिस ने बंगाल में अंतरराज्यीय क्रिप्टो ट्रेडिंग रैकेट का किया भंडाफोड़
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Photo)

हैदराबाद, 6 नवंबर: तेलंगाना ( Telangana) में रचाकोंडा पुलिस ने शनिवार को ऑनलाइन क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक अंतर-राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया है. रचाकोंडा पुलिस आयुक्तालय की साइबर अपराध शाखा के अधिकारियों ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो सभी पश्चिम बंगाल के निवासी हैं. इनमें से एक बैंक कर्मचारी है. मुख्य आरोपी भी पश्चिम बंगाल का है, जो फरार है. दिल्ली में 21.7 किलोग्राम पटाखे ले जा रहा दुकानदार गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, छोटा भाई उर्फ दीपू मंडल ने विभिन्न शेल कंपनियों के नामों का इस्तेमाल किया, जो कभी अस्तित्व में नहीं थीं और निवेश के नाम पर पीड़ितों को ठगती थीं और बाद में क्रिप्टो मुद्रा खरीदकर राशि का आदान-प्रदान करती थीं. रचाकोंडा के पुलिस आयुक्त महेश भागवत ने कहा कि एक पीड़ित द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद जांच के दौरान गिरफ्तारियां की गईं. घाटकेसर के नारापल्ली निवासी भानोथू किरण कुमार से 86 लाख रुपये की ठगी की गई है.

पुलिस ने अलग-अलग बैंकों के पांच मोबाइल फोन, छह सिम कार्ड, तीन बैंक चेक बुक, छह एटीएम कार्ड जब्त किए हैं. आरोपियों के बैंक खातों में 50 लाख रुपये की राशि भी फ्रीज कर दी गई है. पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी जिले में एक बैंक कर्मचारी नूर आलम हक के साथ मिलकर 64 अलग-अलग बैंक खाते खोले और दो अन्य आरोपियों की मदद से भोले-भाले ग्रामीणों के नाम पर विभिन्न सिम कार्ड खरीदे.

एकराम हुसैन और एमडी इजरुल ने मुख्य आरोपियों को छोटे-मोटे कमीशन देकर ग्रामीणों की आईडी क्रेडेंशियल हासिल करने में मदद की और उनके एटीएम कार्ड, चेक बुक और इंटरनेट बैंकिंग क्रेडेंशियल ले लिए और पीड़ितों द्वारा हस्तांतरित धोखाधड़ी राशि को क्रेडिट करने के लिए इसका इस्तेमाल किया. छोटा भाई और नूरल ने वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल कर पीड़ितों से संपर्क किया और उन्हें बहला-फुसलाकर 'क्रिप्टो निवेश' के नाम पर विभिन्न खातों में पैसे जमा करवाए। खातों में पैसा जमा होने के बाद आरोपी जेब पे के जरिए क्रिप्टो करेंसी खरीदते थे.

जांच में पता चला कि आरोपियों ने भोले-भाले पीड़ितों को ठगने के लिए 14 शेल कंपनियां बनाई. उन्होंने सितंबर में वर्चुअल नंबरों का उपयोग करके व्हाट्सएप के माध्यम से कुमार से संपर्क किया और उन्हें क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने का लालच दिया था. उन पर विश्वास करते हुए, उसने 50,000 रुपये का निवेश किया और जैसे ही उसने 10,000 रुपये का लाभ कमाया, उन्होंने उसे उच्च लाभ के लिए और अधिक निवेश करने के लिए मना लिया.

जांच अधिकारी एन. रामू के नेतृत्व में एक पुलिस दल ने 3 नवंबर को पश्चिम बंगाल का दौरा किया और इजरुल को गिरफ्तार किया, जो क्रिप्टो खाता धारक (जेबपे) है और उसके इनपुट के आधार पर नूर और एकराम को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार लोगों को सिलीगुड़ी के माटीगाड़ा पुलिस स्टेशन ले जाया गया और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद हैदराबाद लाया गया और एक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जिन्होंने उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है. पुलिस आयुक्त ने लोगों, विशेष रूप से नेटिजन्स (सोशल मीडिया चलाने वाले लोगों) को साइबर अपराधियों द्वारा इस तरह के ऑनलाइन निवेश प्रस्तावों के लालच में न आने की सलाह दी.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 06, 2021 03:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).