ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में आत्महत्या! माता-पिता के रोकने पर 17 साल के छात्र ने छत से कूदकर दी जान

तमिलनाडु के मदुरै में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां एक 17 वर्षीय किशोर ने इमारत से कूदकर आत्महत्या कर ली. प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे मोबाइल गेमिंग की लत से जोड़ रही है. मृतक हरिहरसुधन, जो मणिकंदन का बेटा था, ऑनलाइन गेम का अत्यधिक आदी था और इसी कारण मानसिक तनाव से गुजर रहा था.

स्कूल छोड़कर घर में बिताने लगा समय

हरिहरसुधन ने अपनी 11वीं तक की पढ़ाई पूरी कर ली थी, लेकिन पिछले एक साल से उसने स्कूल जाना बंद कर दिया था. इस दौरान, वह पूरी तरह से ऑनलाइन गेम में लिप्त हो गया और अपना ज्यादातर समय इन्हीं खेलों में बिताने लगा. माता-पिता ने उसे कई बार रोकने की कोशिश की, लेकिन वह इस लत से बाहर नहीं आ सका.

आखिरी शब्द: ‘मेरे मां-पिता का ख्याल रखना’

घटना से दो दिन पहले उसके माता-पिता ने छत से तेज आवाज सुनी. जब वे ऊपर पहुंचे, तो देखा कि हरिहरसुधन ने अपना फोन तोड़ दिया था और कुछ ही देर बाद वह छत से कूद गया. आत्महत्या से पहले उसने अपने एक दोस्त से आखिरी बार कहा, "मेरे मां-पिता का ख्याल रखना."

पुलिस कर रही फोरेंसिक जांच

पुलिस अब मृतक के फोन की फोरेंसिक जांच कर यह सत्यापित करने का प्रयास कर रही है कि क्या वह वास्तव में ऑनलाइन गेम का आदी था, जैसा कि उसके माता-पिता ने बताया है. इसके अलावा, पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आत्महत्या के पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं था. पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह जांच प्रक्रिया लंबी हो सकती है और इसमें 3-4 महीने का समय लग सकता है.

ऑनलाइन गेमिंग की लत: बढ़ती चिंता

यह घटना ऑनलाइन गेमिंग की लत से जुड़े खतरों की ओर इशारा करती है. विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक ऑनलाइन गेमिंग न केवल मानसिक तनाव बढ़ाता है, बल्कि यह किशोरों को अवसाद और आत्महत्या जैसे खतरनाक कदम उठाने के लिए भी प्रेरित कर सकता है. माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखें और उनके मानसिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान दें.

यह दुखद घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि बच्चों में मोबाइल गेमिंग की बढ़ती लत को नजरअंदाज करना घातक साबित हो सकता है.