श्रीनगर: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तिरंगा रूपी रिबन काटने से किया इनकार, सम्मानपूर्वक समेट कर रखा अलग (Watch Video)
उमर अब्दुल्ला ने तिरंगे रिबन को काटने से परहेज़ किया (Photo Credits: X/@PTI_News)

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री (Jammu and Kashmir Chief Minister) उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने बुधवार, 15 अप्रैल को श्रीनगर (Srinagar) में एक कार्यक्रम के दौरान तिरंगे के रंगों वाले रिबन (Tricolour-Themed Ribbon) को काटने से इनकार कर दिया. उन्होंने राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए रिबन को कैंची से काटने के बजाय उसे खोलकर तह करने का विकल्प चुना.  यह घटना 'नो योर आर्टिसन' (Know Your Artisans) कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान हुई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोर रहा है. यह भी पढ़ें: Omar Abdullah on PM Modi: उमर अब्दुल्ला ने की पीएम मोदी की तारीफ, कहा- आपने अपना वादा निभाया

उद्घाटन से ठीक पहले का वाकया

श्रीनगर के 'कश्मीर हाट' में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. जैसे ही उमर अब्दुल्ला उद्घाटन के लिए आगे बढ़े, उनकी नजर केसरिया, सफेद और हरे रंग के डिजाइन वाले रिबन पर पड़ी.

रिबन काटने के बजाय उन्होंने अधिकारियों से उसे दोनों सिरों से खोलने को कहा. रिबन खुलने के बाद उन्होंने स्वयं उसे सहेजकर मोड़ा और अधिकारियों को इसे सम्मानपूर्वक किनारे रखने का निर्देश दिया. इसके बाद बिना रिबन काटे ही समारोह का विधिवत उद्घाटन किया गया.

उमर अब्दुल्ला ने तिरंगे का रिबन काटने से परहेज़ किया, उसे सम्मानपूर्वक मोड़ दिया

राष्ट्रीय सम्मान और कानूनी संवेदनशीलता

उमर अब्दुल्ला के इस कदम को राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति उनकी संवेदनशीलता से जोड़कर देखा जा रहा है. 'राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971' (Prevention of Insults to National Honour Act) के तहत भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करना या उसे नुकसान पहुंचाना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है.

यद्यपि न्यायालयों ने कई मामलों में स्पष्ट किया है कि सजावट या केक जैसी वस्तुओं पर तिरंगे के रंगों का उपयोग हमेशा अपराध नहीं होता, लेकिन ध्वज के स्वरूप से मिलते-जुलते रिबन को काटना अक्सर विवादों का कारण बन सकता है.  मुख्यमंत्री के इस निर्णय की ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर काफी सराहना की जा रही है.

स्थानीय कारीगरों को बढ़ावा देने का प्रयास

रिबन हटाने के बाद मुख्यमंत्री ने कश्मीर हाट में आयोजित कार्यक्रम का अवलोकन किया. इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर की पारंपरिक हस्तशिल्प कला को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय कारीगरों को एक मंच प्रदान करना है. अब्दुल्ला ने प्रदर्शनी में कारीगरों से बातचीत की और स्थानीय शिल्प को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई.