गाजा में शांति की बड़ी पहल: ट्रंप का अल्टीमेटम आया काम, बंधकों को रिहा करेगा हमास, पीएम मोदी ने की तारीफ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रस्ताव और अल्टीमेटम के बाद हमास गाजा में बंधकों को रिहा करने के लिए सहमत हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सफलता के लिए ट्रंप के नेतृत्व की सराहना करते हुए इसे शांति की दिशा में एक "महत्वपूर्ण कदम" बताया है. इस घटनाक्रम से मध्य-पूर्व में स्थायी शांति स्थापित होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं.
गाजा में शांति बहाली की कोशिशों में एक बड़ी सफलता मिली है. फिलिस्तीनी समूह हमास, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रस्ताव के कुछ हिस्सों पर सहमत होने के बाद बंधकों को रिहा करने के लिए तैयार हो गया है. इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों की जमकर तारीफ की है.
पीएम मोदी ने क्या कहा?
शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा, "हम गाजा में शांति प्रयासों में राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व का स्वागत करते हैं, क्योंकि यह एक निर्णायक प्रगति है. बंधकों की रिहाई के संकेत एक महत्वपूर्ण कदम हैं. भारत एक स्थायी और न्यायपूर्ण शांति के सभी प्रयासों का दृढ़ता से समर्थन करता रहेगा."
ट्रंप का अल्टीमेटम काम आया
यह सब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हमास को दिए गए एक अल्टीमेटम के बाद हुआ. ट्रंप ने गाजा के लिए 20-सूत्रीय शांति योजना पेश की थी और हमास को इसे स्वीकार करने के लिए रविवार शाम 6 बजे (अमेरिकी समय) तक का वक्त दिया था. उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर हमास ने यह प्रस्ताव नहीं माना तो उसे "भयानक परिणाम" भुगतने होंगे.
इस चेतावनी के कुछ ही घंटों के भीतर हमास ने ट्रंप के शांति प्रस्ताव के कई अहम हिस्सों पर अपनी सहमति जता दी.
हमास किन बातों पर हुआ राजी?
हमास जिन प्रमुख बिंदुओं पर सहमत हुआ है, उनमें शामिल हैं:
- युद्ध को समाप्त करना.
- गाजा से इजरायली सेना की वापसी.
- इजरायली बंधकों और फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई.
- गाजा में राहत और पुनर्निर्माण का काम शुरू करना.
इस समझौते को गाजा में लंबे समय से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने और स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है.