गुजरात के बड़े शहरों में 24 घंटे खुली रहेंगी दुकानें, राज्य सरकार का बड़ा फैसला

इस कानून के अंतर्गत महानगर पालिका के क्षेत्र में समाविष्ट महानगरों, नेशनल हाईवे, रेलवे स्टेशनों, एसटी बस स्टेशनों, अस्पतालों या अन्य कोई भी व्यावसायिक संस्थान चौबीस घंटे खुले रखे जा सकेंगे.

सीएम विजय रुपाणी (Photo Credits: ANI)

अहमदाबाद. राज्य में बाजार रात को 12 बजे तक खुले रहा करते थे. लेकिन अब गुजरात के बड़े शहरों में दुकान, होटल, सिनेमागृह चौबीसों घंटे खुले रखने का फैसला राज्य सरकार ने किया है. बताना चाहते है कि राज्य सरकार ने इस आशय का विधेयक लेखानुदान सत्र में पारित किया था. इसे राज्यपाल की स्वीकृति मिलने और राज्य के चुनाव आयोग की मंजूरी के साथ ही गुरुवार रात से इन्हें 24 घंटे खुला रखने की घोषषणा कर दी गई है.

इसके साथ ही राज्य सरकार ने गुजरात शॉप्स एंड एस्टैब्लिशमेंट एक्ट 2019 पर अमल करने की अधिसूचना जारी कर दी है. यानि गुजरात के बड़े शहरों में राष्‍ट्रीय राजमार्गों, रेलवे प्लेटफोर्म, एसटी बस स्टेशनों, अस्पतालों या पेट्रोल पंपों पर स्थित दुकानें, होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमागृह, दवाई की दुकानें या अन्य व्यावसायिक संस्थान चौबीस घंटे खुले रखे जा सकेंगे. पुलिस या अन्य कोई प्रशासन दुकानें बंद नहीं करवा सकेंगे. श्रम व रोजगार विभाग के अग्रसचिव विपुल मित्रा ने बताया कि इन संस्थानों में काम करने वाली महिलाएं भी रात को काम कर सकेंगी.

इस कानून के अंतर्गत महानगर पालिका के क्षेत्र में समाविष्ट महानगरों, नेशनल हाईवे, रेलवे स्टेशनों, एसटी बस स्टेशनों, अस्पतालों या अन्य कोई भी व्यावसायिक संस्थान चौबीस घंटे खुले रखे जा सकेंगे.

संस्थान के मालिकों को पालना घर, अलग शौचालय मुक्त वातावरण, आवागमन के लिए सुविधा आदि देनी होगी. यदि कर्मचारी से ओवरटाइम करवाया जाएगा तो उसे इसके लिए मूलवेतन से दोगुना देना पड़ेगा। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में रात्रि 11 से सुबह 6 बजे को छोड़ शेष समय में व्यावसायिक प्रतिष्ठान खुले रखे जा सकेंगे.

Share Now

संबंधित खबरें

‘अपराधियों में ऐसा खौफ पैदा करें कि दोबारा सोचने की हिम्मत न हो’: दिल्ली में दुष्कर्म की घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट की पुलिस को सख्त हिदायत

Noida Supernova Case: डिप्रेशन, बढ़ते कर्ज और वैवाहिक विवाद ने ली सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जान; 43वीं मंजिल से गिरे संभव जैन, पुलिस ने ₹3 करोड़ गुजारा भत्ते की बात नकारी

'यह संविधान के मूल पर सीधा प्रहार है': मताधिकार छीनने पर बोले सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां; 'बिना नोटिस और सुनवाई के वोटर लिस्ट से नाम नहीं कट सकता'

India-Switzerland Ties: स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाई पारमेलिन का तीन दिवसीय भारत दौरा आज से; पीएम मोदी से होगी द्विपक्षीय वार्ता, व्यापार और निवेश पर बड़ा फोकस