शिया मुस्लिम बढ़ाना चाहते हैं राजनीतिक प्रतिनिधित्व
प्रमुख शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने कहा, चूंकि सरकार हर योजना में पसमांदा (पिछड़े मुसलमानों) को शामिल कर रही है, इसलिए उन्हें शिया मुसलमानों को भी शामिल करना चाहिए, जो पिछली सरकारों की उपेक्षा के कारण पीड़ित हैं.
लखनऊ, 13 मार्च: शिया मुस्लिम (SHIA Muslim) नेता केंद्र की नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार और उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार से राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. प्रमुख शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद (Maulana Kalbe Javed) ने कहा, चूंकि सरकार हर योजना में पसमांदा (पिछड़े मुसलमानों) को शामिल कर रही है, इसलिए उन्हें शिया मुसलमानों को भी शामिल करना चाहिए, जो पिछली सरकारों की उपेक्षा के कारण पीड़ित हैं. यह भी पढ़ें: PM मोदी दुनिया में देश का नाम कर रहे हैं, तो कुछ लोग देश को बदनाम कर रहे हैं: राहुल पर योगी का निशाना
सच्चर कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार मुसलमान बहुत पिछड़े हैं लेकिन मुसलमानों में शिया अधिक पिछड़े हैं. किसी भी पिछली सरकार ने शिया समुदाय के कल्याण के लिए काम नहीं किया है, लेकिन आज शिया समुदाय मोदी सरकार से बेहतर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिनिधित्व की मांग करता है. उन्होंने कहा, 'जब मैं पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिला, तो मैंने उनसे हमारे समुदाय की स्थिति पर ध्यान देने को कहा. इस पर प्रधानमंत्री ने सकरात्मक आश्वासन दिया.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 13, 2023 10:36 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

